आंध्रा बॉर्डर के चिन्ताकोंटा में लगी पुलिस-जन मित्र चौपाल

सुकमा जिले के थाना कोंटा में सुनी जनता की समस्या

सुकमा। धुर नक्सल प्रभावित जिले सुकमा के चिन्तकोंटा इलाके में पुलिस ने जनमित्र चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी। इस चौपाल में गाँव के महिला, पुरुष और बच्चों को पुलिस जनता के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने के प्रयास किए गए। जिसके तहत ग्रामीणों को नक्सलियों की आत्मसमर्पण नीति, नशीले प्रदार्थ के सेवन से हो रही स्वास्थ सम्बंधित बीमारियों और उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।

                    इसके आलावा बैठक में ऑनलाइन बैंक फ़्रॉड के तरीकों (ATM बदली फर्जी हस्ताक्षर व अन्य ), महिलाओं बच्चों संबधित अपराध ,यातायात के नियमो की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई। ये सभी जानकारी विस्तार पूर्वक उनके लोकल भाषा गोंडी,तेलगु,हिंदी में बताया गया। वहीं ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से गाँव तक पक्की सड़क निर्माण, ग्राम पंचायत ढोन्ड्रा में बनी सोसायटी के आलावा चिन्ताकोंटा में ही सोसायटी का निर्माण, सोलर पम्प की जरुरत जैसी कई मांगें रखी।


वहीं ग्रामीणों ने जन चौपाल हेतु चबूतरे की आवश्कता, पेयजल के लिए बोरिंग, स्मार्ट कार्ड की जानकारी नहीं होने जैसी बातें भी खिन है। जिस पर अधिकारियों ने भी कामकरने की बात खिन है। गौरतलब है कि शतानीय लोगो को बीमारी के समय आंध्र प्रदेश के अस्पतालो का चक्कर काटने पड़ते है। जहां उनका बे हिसाब पैसा खर्च हो रहा है और छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाओं के बावजूद वो इलाज़ से जानकारी के आभाव में महरूफ रह जाते है।

विकास की ओर बढ़ने की अपील
जनमित्र चौपाल के लिए पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों से नक्सल का साथ छोड़ विकास का साथ देने की अपील की है। चौपाल में सरकार की नीतियों और योजनाओं से जुड़े पमलेट्स, पोस्टर भी ग्रामीणों को देकर उन्हें जानकारी दी गई। शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया व उसका लाभ उठाने हेतु बताया गया सरपंच सचिवो को ग्रामीणों को योजना के सम्बन्ध में अवगत कराने हेतु बताया जायेगा। किसी भी तरह की परेशानी को पुलिस थाना या कैंप को अवगत कराने की सलाह दी और समस्या के जल्द निराकरण हेतु सभी को आश्वस्त किया गया।