भूपेश सरकार के खिलाफ़ 14 अक्टूबर को किसानों की “तगादा रैली”

प्रदेश भर से किसान तीन सूत्रीय मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन

राजनांदगांव। भूपेश सरकार से किसान अपनी मांगों को लेकर एक तगादा रैली का आयोजन करने जा रहे है। इस रैली में किसान तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 14 अक्टूबर को प्रदर्शन करेंगे। रैली में किसान संपूर्ण कर्ज माफी, फसल का मुआवजा और दो सालों के बोनस देने की बात को याद दिलाएंगे। राजनांदगांव जिला किसान संघ के प्रमुख सुदेश टीकम ने इस संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि किसानों की कर्ज माफी, 2500 रुपए समर्थन मूल्य, दो साल का पुराना बोनस एवं अन्य वादा कर कांग्रेस ने भारी बहुमत से सरकार बनाई थी। सत्ता में आते ही कर्जमाफी की घोषणा की एवं लिंकिंग में वसूला ऋण वापस किया। किसान खुश हुए वाहवाही भी मिली, लेकिन किसान जब पुन: खाद – बीज व ऋण के लिए सोसायटी पहुंचे तो 2017 का ऋण ब्याज सहित वसूल किया गया, तभी खाद-बीज व ऋण दिया गया, जो ऐसा नहीं कर पाए वे आज भी ऋण सुविधा से वंचित हैं। इसे किसानों ने सरकार की धोखेबाजी क़रार दिया है। किसानों का कहना है कि जब राशि वसूलनी ही थी तो पहले पैसा वापस कर वाहवाही नहीं लूटनी थी।

 

नहीं हुआ निजी बैंकों का क़र्ज़ माफ
किसान संघ के प्रमुख सुदेश टीकम ने सरकार पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि क़र्ज़ माफ़ी के मामलें में इस सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों को भी सरकार द्वारा तय पूरी राशि नहीं दी गई है। जिससे प्रतिमाह ब्याज का बोझ बढ़ रहा है। निजी बैंकों के किसानों का एक रुपए भी कर्ज माफ नहीं हुआ है। जिससे किसान ठगा महसूस कर रहे हैं।

नहीं मिला है मुवावज़ा
किसान संघ के जिला प्रमुख ने कहा कि वर्तमान सरकार ने एक तरफ आधी-अधूरी कर्ज माफी कर दी, और दूसरी तरफ़ देर से और अनियमित बारिश से खराब हुई फसल के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा की जिला किसान संघ मुलाकात, ज्ञापन, किसान-मार्च इत्यादि द्वारा लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है, पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।

मांगेंगे 2 साल का बोनस
भूपेश सरकार से किसान अपना पिछले दो साल का बोनस भी मांगेगी। सुदेश ने कहा कि दो सालों का पुराना बोनस देने के वादे पर सरकार कुछ भी नहीं कर रही है। इन परिस्थितियों में जिला किसान संघ ने विवश होकर सडक़ पर तगादा करने का फैसला लिया है। तीन सूत्रीय मांगों के लिए तगादा रैली की तैयारी गांव-गांव में बैठक, संपर्क एवं पर्ची वितरण कर किया जा रहा है।