शिक्षक दिवस : राज्यपाल के हाथों हुआ 48 शिक्षकों का हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री भूपेश और स्कुल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम थे मौजूद

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 48 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें से 44 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 8 उत्कृष्ट शालाओं को भी पुरस्कृत किया गया है। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों का सम्मान किया। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की उनके साथ बतौर विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी मौजूद रहे।

समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार 2018 के लिए चयनित 44 शिक्षकों में से प्रत्येक को 21 हजार रूपए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री के हाथो से किया गया।

इन्हे मिला राज्य स्मृति पुरस्कार
शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के 04 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 04 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। इनमें जांजगीर-चांपा के रामनाथ साहू को “डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार” रायपुर की रजनी शर्मा को “डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार” दुर्ग के संजय कुमार मैथिल को “डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार” और गरियाबंद के संतोष कुमार साहू को “डॉ. गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार” प्रदान किया गया।

08 उत्कृष्ट विद्यालय भी हुए पुरस्कृत
शिक्षक दिवस सम्मान समारोह में प्रदेश के 08 उत्कृष्ट विद्यालयों को भी पुरस्कृत हुए है। इनमें प्राथमिक शाला हरदीपार (कोरबी) विकासखण्ड बिल्हा जिला बिलासपुर को प्रथम, शासकीय प्राथमिक शाला सगोना विकासखण्ड कवर्धा जिला कबीरधाम को द्वितीय, पूर्व माध्यमिक शाला की श्रेणी में उड़कुड़ा विकासखण्ड चारामा जिला कांकेर को प्रथम और तवरबाहरा विकासखण्ड एवं जिला गरियाबंद को द्वितीय पुरस्कार दिया जाएगा। हाई स्कूल श्रेणी में गोड़पारा विकासखण्ड अभनपुर जिला रायपुर को प्रथम और पतोरा विकासखण्ड पाटन जिला दुर्ग को द्वितीय और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रेणी में गोण्डाहूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा जिला कांकेर को प्रथम और डी.के.पी.टी. कोटा विकासखण्ड जिला बिलासपुर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।