Weather alert : किसानों को बारिश से नहीं मिली राहत

छत्तीसगढ़ में अब तक 40 मिलीमीटर हुई बारिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुवात होने के बाद भी किसानों की चिंता अभी कम नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ में जहाँ दक्षिणी इलाके में भारी बारिश से बाढ़ के हालत बन गए है, वहीं उत्तरी और मध्य इलाक़े में बारिश की कमी ने अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। रायपुर मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक 40 मिली मीटर की वर्षा दर्ज की गई है। अगर आंकड़ों में इसे देखे तो मानसून के इस सीजन में अब तक महज 16 फ़ीसदी ही बारिश प्रदेश में हो पाई है। जी किसानी के लिहाज़ से बेहद चिंता जनक है। अब तक की बारिश में अगर देखा जाए तो किसानों के चेहरे पर अभी भी परेशानियों की लकीरें स्पष्ट देखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर, रायगढ़, कोरबा, रायपुर, दुर्ग इलाके में बारिश अन्य सीजन से कम है। जिसकी वजह से खेती किसानी में परेशानी होने की प्रबल संभावना है।


मौसम वैज्ञानिक एसपी चंद्रा के मुताबिक प्रदेश में अगले 24 घंटे के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र यानी बस्तर की तरफ मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी अगले 24 घंटे के लिए जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि जो सिस्टम पिछले 2 दिनों से प्रदेश के ऊपर बना हुआ था, वह अब ईस्ट एमपी की तरफ से आगे बढ़ रहा है, लिहाजा प्रदेश के बाकी इलाकों में बारिश की स्थिति सामान्य से मध्यम रहेगी।

दो दिनों के लिए ज़ारी किया था अलर्ट
छत्तीसगढ़ में कुछ हिस्सों में बीते 2 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया था। जिसमें राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, जांजगीर और रायगढ़ जिलों में माध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। जिसमें रायपुर, दुर्ग, राजनंदगांव जिले में ठीक ठाक बारिश भी हुई है। वही बालोद, धमतरी और बस्तर संभाग के सभी जिलों के लिए रेड अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया था। जहां भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। आलम यह है कि बस्तर की कई नदियां पुल के ऊपर से बह रही है। वही कुछ खतरे के निशान से ऊपर उठ चुकी है।