याशी ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर लहराया तिरंगा

छत्तीसगढ़ की बेटी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी शुभकामनाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ की बेटी ने एक बार फिर देश और दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से ताल्लुक रखने वाली यशी जैन ने यूरोप के सबसे ऊंची चोटी पर भारतीय तिरंगा लहराया है। सम्भवतः याशी ऐसा करने वाली प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही भी बन गई है। महज़ चंद दिनों में ही याशी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई पूरी की और तिरंगा फहराने में कामयाबी हासिल की।

                     इसी महीने की पहली तारीख़ से याशी ने इस चोटी पर अपनी चढ़ाई शुरू की और 5 दिनों के बाद ही वो इस छोटी पर तिरंगा लहराने में कामयाब हुई। याशी ने ये कारनामा अपने पहले प्रयास में ही कर दिखाया है। अपने फर्स्ट अटैम्प्ट में ही उन्होंने 5,642 मीटर ऊंचे यूरोपियन पर्वत माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर चढ़कर भारतीय ध्वज फहराने में कामयाबी हासिल की है। गौरतलब है कि एलब्रुस पर्वत एक सुसुप्त ज्वाला मुखी वाला पर्वत है। जो कॉकस पर्वत श्रृंखला में है। इसे यूरोप का सबसे बड़ा पर्वत माना जाता है। वही इस पर्वत को एशिया और यूरोप दोनों की सीमा होने की वजह से विवाद का कारण भी माना जाता है। इस श्रृंखला में विवाद यह है कि यह एशिया में है, या फिर यूरोप में, लेकिन यूरोप इसे अपनी पर्वत श्रृंखला पता कर सबसे ऊंची चोटी मानता है।

7 पर्वत चोटियों पर चढ़ने की इच्छा
याशी की इच्छा है कि वे सात महाद्वीपों में सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़कर भारतीय तिरंगा लहराने की है। यूरोप की सबसे पर्वत चोटी पर चढ़ने के बाद अब उनका अगला टारगेट माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने का है। माउंट एवरेस्ट दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है, जिसकी ऊँचाई 8,850 मीटर है। पहले इसे XV के नाम से जाना जाता था। माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई तकरीबन 29,002 फीट / 8,840 मीटर की है। जिसे याशी चढ़कर अपने नाम एक रिकार्ड बनाना चाहती है।

सीएम भूपेश बघेल ने दी बधाई
इस चढ़ाई के बाद याशी को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो चूका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की है। बघेल ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर याशी की तस्वीर को सांझा करते हुए लिखा है “रायगढ़ की निवासी, छत्तीसगढ़ एवं देश की गौरव बेटी याशी जैन ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर पहुंचकर तिरंगा फैराने का गौरव हासिल किया है। याशी ने 1 जुलाई को चढ़ना प्रारम्भ किया और 5 दिनों में ही 5642 मीटर ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहरा दिया। ऐसे बच्चों पर हमें गर्व है! “