दिल्ली : पूर्ण राज्य बनाने केजरी सरकार ने बुलाई विधानसभा


नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार 6-8 जून तक दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करेगी। प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मगर इससे पहले दिल्ली विधानसभा 5 बार और मेट्रोपोलिटन काउंसिल दो बार पूर्णराज्य का दर्जा दिए जाने की मांग का प्रस्ताव सदन में पास करके केंद्र को भेज चुके हैं लेकिन अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है, जहां से अभी तक मुहर नहीं लग पाई। आम आदमी पार्टी ने 2013 और 2015 के चुनावी घोषणापत्र में दिल्ली को पूर्णराज्य का दर्जा दिलाने का वादा किया था, पर दो साल पहले आप सरकार द स्टेट ऑफ दिल्ली बिल, 2016 जारी करके जनता की राय मांगने से आगे नहीं बढ़ पाई।

15 साल पहले भी आया था प्रस्ताव
राजग सरकार ने दिल्ली को पूर्णराज्य का दर्जादेने के लिए 2003 में एक विधेयक लाया था और इसे संसद में पेश किया गया था। यह विधेयक एक संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। लेकिन दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जादेने के लिए आगे कोई कोशिश नहीं की गई। भाजपा शासित दिल्ली सरकार ने 1993 में दिल्ली को पूर्णराज्य का दर्जादेने के लिए दिल्ली विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था। शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली राज्य की कांग्रेस सरकार ने भी दो बार विधानसभा में ऐसा प्रस्ताव पारित किया था।