आज़ादी के मायने बताने वाली ये है ये पंक्तियां…पढ़े स्वाधीनता दिवस पर विशेष…

आज़ादी और उसे बरक़रार रखने वाले सैनिको को समर्पित..

रायपुर। स्वाधीनता दिवस पर हर किसी में देशभक्ति का ज़ज़्बा जाग ही उठता है। इस मौके पर देशटीवी की तरफ से भी कुछ ऐसी लाईने आप सभी के लिए लिखी गई है, जो देश की आज़ादी के मायने बताती है। स्वतन्त्र भारत की स्वतंत्रता को बरकरार रखने वाले सैनिक, आज़ादी दिलाने वाले क्रन्तिकारी और बलिदान गाथा को चंद पंकक्तियों में पिरोने की कोशिश की है।

आज़ादी

 

संघर्ष करते थक गए ये,

मत कहो हर सांस में आशा लिए पीड़ा सहो।

रात काली खुद बीत ही जाएगी,

तुम सवेरे की प्रतीक्षा करों…।

हिंदुस्तान

हिफाज़त तो मैंने की है ए हिंदुस्तान तेरी सरहदों से,

पर सीना नहीं बचा पाया मुल्क के भीतरी ग़द्दारों से।

अब है सौगंध तेरे लहू के हर कतरे का हिसाब लूंगा मैं,

न चिर पाए कोई तेरी छाती इसलिए खुद को क़ुर्बान करूँगा मैं।

भारत माता के बेटे

भारत माता के बेटे अगर आबाद नहीं होते,

इस अमर तिरंगे के रंग आज ज़िंदाबाद नहीं होते।

आओ हम मिलकर पुष्पांजलि दे उनके चरणों में,

गर वो कुर्बान नहीं होते तो हम आज़ाद नहीं होते !

शहीद

कसम ले ले हम अपने देश का कर्ज़ चुकाएंगे,

शहीदों की चिता पर सदा मेले लगाएंगे।

जो क़ुर्बानी के क़िस्से बच्चों को न सुनाएंगे,

तो बच्चे भी शहीदे आज़म भगत सिंह को भूल जाएंगे।