नम आँखों के बीच पंचतत्व में विलीन हुए ” अटल ” देखिए अंतिम यात्रा की तस्वीरें…

पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई देशों के विदेश मंत्री और राजनयिक भी मौज़ूद

 

नई दिल्ली / रायपुर। देशभर की नम आँखों और मन भारी कर आखिरकार अटल पंचतत्व में विलीन हो गए। उन्होंने देश ही नहीं बल्कि विदेश में अपने व्यक्तित्व और हिन्दीभाषी होने का डंका बजाय है। अपने राजनैतिक जीवन में अपनी नीतियों के लिए भी न सिर्फ सत्ता पक्ष के लोग उनके बेहद करीब थे, बल्कि विपक्षीय दलों में भी अटल का बेहतरीन सामंजस्य था।

 

अटल

उनके निधन के बाद से ही देशभर में शोक की लहर पुरे देशभर में है। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब नम आँखों से अपने नेता को विदा कर रहा था।

प्रधान मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत मोदी मंत्री मंडल के तमाम मंत्री सांसद उनकी अंतिम यात्रा में शरीक हुए।

प्रधान मंत्री

अटल बिहारी जी की अंतिम यात्रा में उन्हें श्रद्धांजलि देने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई, श्रीलंका ने विदेशमंत्री लक्ष्मण किरिला, बांग्लादेश के विदेश मंत्री समेत तमाम देशों के राजनयिक मौजूद थे।

 

आईए एक नज़र डालते है उनके राजनैतिक सफ़र पर…
0 सन 1942 – स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हुए, जेल भी गए
0 सन 1951 – पूर्व जनसंघ के संस्थापक सदस्य
0 1957 – जनसंघ के नेता बन गए
0 1957 – लोकसभा में चुने गए
0 1962 – राज्यसभा में चुने गए
0 1968 – प्रेसिडेंट, भारतीय जनसंघ (1968-1973)
0 1975 – आपातकाल के दौरान घर में गिरफ्तार कर रखा गया
0 1977 – जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य (1977-1980)
0 1977 – पहले गैर-कांग्रेस विदेश मंत्री बने
0 1979 – संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में यादगार भाषण

0 1980 – अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी (1980-1986)
0 1984 – अपने गृह नगर ग्वालियर से लोकसभा चुनाव हार गए
0 1992 – सम्मानित पद्म विभूषण
0 1994 लोकमान्य तिलक पुरुसुकर और सर्वश्रेष्ठ सांसद के लिए गोविंद बल्लभ पंत पुरस्कार
0 1996 – प्रधान मंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार केवल 13 दिन तक चल पाई

0 1998 – एनडीए सत्ता में आया, दूसरी बार प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली
0 1998 में पोखरण में उनकी सरकार ने सफल परमाणु परीक्षण किया
0 1999 – उप-महाद्वीप की समस्याओं को हल करने के लिए उत्कृष्ट वार्ता
0 1999 में ही पाकिस्तान की बस यात्रा शुरू कराई जिसे व्यापक रूप से प्रशंसा मिली
1999 भारत ने कारगिल युद्ध जीता

0 13 अप्रैल 1999 को उनकी सरकार ने विश्वास के संसदीय वोट को खोने के बाद इस्तीफा दे दिया
0 पार्टी और उसके सहयोगियों के नियंत्रण के बाद 13 अक्टूबर 1 999 को तीसरे बार पीएम के रूप में फिर से शपथ ली
0 2001 – मुशर्रफ के साथ आगरा शिखर सम्मेलन में वार्ता टूट गई
0 2004 – संसदीय चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा
0 25 दिसंबर 2014 – वाजपेयी का 90 वां जन्मदिन राष्ट्रीय सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया
0 27 मार्च 2015 – भारत रत्न पुरस्कार का सम्मान मिला