अटल बिहारी वाजपेयी : जब तड़के सुबह हुई थी कवर्धा में उनकी सभा

मुख्यमंत्री डॉ रमन बोले- राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने वाले है अटल जी

रायपुर। गंभीर अवस्था में एम्स में भर्ती अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात करने रवाना हुए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी उनके साथ बिताए पलों को मीडिया के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं युवा मोर्चा में था, तब मुझे उनकी एक सभा कवर्धा में कराने की ज़िम्मेदारी मिली थी।

Atal Bihari

अटल जी और आरिफ बेग साहब जबलपुर जा रहे थे। तब तड़के सुबह 7 बजे उनकी सभा मैंने कवर्धा में कराई थी। मेरे जीवन का वो पहला दौर था, जब मैंने उन्हें करीब से जाना। इतने बड़े नेता को समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि विशाल ह्रदय और व्यक्तित्व के धनी अटल जी के साथ उनके मंत्रिमंडन में उन्होंने मुझे राज्यमंत्री का दर्ज़ा मिला। पुरे देश को एक सूत्र में बांधने की कला उनके भीतर है। पक्ष विपक्ष सभी को गले लगाकर साथ चलने वाले प्रधानमंत्री रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जातिगत राजनीति की भावना से परे मानव हित की भावना उनके भीतर है। मैं मानता हूँ इस देश की राजनीति में ऐसा कोई नेता नहीं हुआ जो लगातार 50 साल लोकप्रियता के शिखर में रहे। फिर छाले वो पक्ष विपक्ष की बात हो या फिर जनता की।

Vajpayee Atal Bihari

मुख्यमंत्री डॉ रमन के राजनैतिक गुरु
15 साल की सरकार चलाने और राजनीति में बेदाग़ रहने का गुरु अगर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने किसी से सीखा है तो वे अटल जी ही है। अटल जी मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के राजनितिक गुरु भी थे। अटल जी जब भी छत्तीसगढ़ प्रवास पर आते या फिर मुख्यमंत्री डॉ रमन की उनसे मुलाकात होती तो रामन उनके चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लेना नहीं भूलते थे। रामन सिंह ने उनकी हालत नाज़ुक होने की स्तिथि में ट्वीट कर लिखा- ” मेरे गुरु व राजनीति के अजातशत्रु श्री #AtalBihariVaajpayee जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। आप जल्द ही स्वस्थ हो कर अपने आशीर्वाद से हम सभी का मार्गदर्शन करें। ”

क्लीक करें : इस वज़ह से छत्तीसगढ़ राज्य के जनक कहे जाते है ” अटल बिहारी बाजपेयी “

 

अटल जी का जन्मदिन बना सुशासन दिवस
छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन छत्तीसगढ़ में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुवात खुद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की थी। मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कहा था कि अटल बिहारी वाजपेयी की बात दिल से निकलकर दिल तक पहुंचती है। किसी भी व्यक्ति का अटल के साथ बिताया गया पल, उस व्यक्ति के साथ धरोहर के रूप में रहता है। उनके जीवनशैली के भीतर का अनुशासन हमें प्रेरणा देता है।