अयोध्या विवाद : सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने कहा रोज नहीं कर सकते ज़िरह

सुप्रीम कोर्ट के हर रोज सुनवाई फैसले पर जताई असमर्थता

नई दिल्ली। रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई पर अब वक्फ़ बोर्ड ने अपनी असमर्थता जताई है। वक्फ़ ने माननीय न्यायलय से कहा है कि हर की रोज की सुनवाई और ज़िरह के लिए तैयारी करने में काफी मुश्किलें हो रही है। सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की तरफ से कोर्ट में जिरह कर रहे वकील राजीव धवन ने चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच से कहा कि ये मसला महज़ एक हफ्ते का मसला नहीं है, बल्कि सालों तक चलने वाला मुक़दमा है। ऐसे में हमें कोर्ट में अपना पक्ष रखने से पहले दिन-रात अनुवाद के कागज पढ़ने पढ़ते है, उसमे से कोर्ट में अपना पक्ष रखने फाइलिंग करनी होती है इन सब के अलावा और भी बहुत कुछ तैयारियां करनी पड़ती है।

सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की इस दलील को सुन्नते हुए माननीय मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने कहा है कि हमने आपकी बात सुन ली है, हम आपको बताएंगे। गौरतलब है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी कार्यशैली को शिथिल करते हुए अयोध्या मामले में हफ्ते में पांच दिन करने का फैसला किया है। लेकिन SC के इस फैसले पर अब सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से इस फैसले पर अपनी असमर्थता जता कर रोजाना सुनाई के लिए असमर्थता जताई है।

6 तारीख से लगातार सुना जा रहा प्रकरण
6 अगस्त से अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई की जा रही है। हर रोज सुनवाई के SC के फैसले के मुताबिक़ हर हफ्ते में तीन दिन मंगल-बुध-गुरुवार को मामला सुना जाता है। मगर इस मामलें में बीते गुरूवार को सर्वोच्च न्यायलय ने फैसला लिया था के इस प्रकरण की सुनवाई हफ्ते में पांच दिन की जाएगी। यानी हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि विवाद और बाबरी मस्जिद मसले की सुनवाई सर्वोच्च अदालत में होगी।