अयोध्या फैसला : राजनाथ, शाह, भूपेश समेत नेताओं ने की शांति की अपील

हर राजनैतिक दल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में दशकों पुराने भूमि विवाद पर अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि यह मंदिर के निर्माण के लिए सरकार द्वारा संचालित ट्रस्ट को दिया जाएगा और पांच एकड़ का “उपयुक्त” भूखंड मस्जिद निर्माण के लिए दिया जाएगा। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद विभिन्न राजनैतिक पार्टी के नेताओं ने अयोध्या के फैसले का स्वागत किया और देशभर में शांति की अपील की। अयोध्या के फैसले के बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा “अयोध्या पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय ऐतिहासिक है। जजमेंट भारत के सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करेगा। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि फैसला समभाव और विशालता के साथ लें। मैं लोगों से भी अपील करता हूं कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद शांति और सद्भाव बनाए रखें।”

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ” मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा। ”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोगों से अपील की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दशकों पुराने मामले में अपना फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद “शांति और सद्भाव बनाए रखें”। अयोध्या के फैसले पर श्री गडकरी ने कहा, “इस लोकतांत्रिक देश के लोगों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या पर लिए गए फैसले को स्वीकार करना चाहिए। हम सभी को न्यायपालिका पर भरोसा है। लोगों को शांति और सद्भाव बनाए रखना चाहिए।”

अयोध्या के फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। यह सामाजिक समरसता के लिए फायदेमंद होगा। इस मुद्दे पर और कोई विवाद नहीं होना चाहिए, यही मेरी लोगों से अपील है।”

इधर छत्तीसगढ़ के मुख़्यमंत्री भूपेश बघेल ने फैसले के पहले ही राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनता से अपील की थी। “सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या के मसले पर आने वाले फैसले के मद्देनजर मैं प्रदेशवासियों से आपसी सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ। इस मसले पर अधिकृत स्रोतों से मिलने वाली खबरों पर ही विश्वास करें और अफ़वाहों के साथ सोशल मीडिया में फेक न्यूज और अफवाहों से दूर रहें।”