प्रज्ञा पर बैन : योगी स्टाइल में खेला सियासी दांव

साध्वी प्रज्ञा पर 72 घंटे तक प्रचार प्रसार में लगा बैन

भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने भोपाल के प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा पर अगले 72 घंटे के लिए चुनावी प्रचार प्रसार पर बैन लगा दिया है। प्रज्ञा पर ये बैन आज सुबह 6 बजे से शुरू हुआ है। साध्वी प्रज्ञा पर 2 मई से लेकर 4 मई तक किसी भी तरह का चुनावी प्रचार प्रसार नहीं कर पाएंगे, लिहाजा साध्वी प्रज्ञा ने भी योगी स्टाइल अपनाया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल                         जिस तरह अपने बैन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान की शरण ली थी, ठीक उसी प्रकार भोपाल से भाजपा के प्रत्याशी और साध्वी प्रज्ञा मंदिरों में पूजा अर्चना कर, भजन कीर्तन करेंगी। साध्वी प्रज्ञा इस दौरान सबसे पहले भोपाल के दुर्गा मंदिर में जाकर भजन कीर्तन करेंगी। इसके अलावा प्रज्ञा और भी कई मंदिरों में मत्था टेक अपना सियासी दांव खेल सकती हैं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने जब भारत निर्वाचन आयोग पर बैन लगाया था, तब वे लखनऊ के हनुमान सेतु स्थित बजरंग बली के मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और हनुमान चालीसा का पाठ किया था और ज़बरदस्त सियासी माहौल बनाया था।
साध्वी प्रज्ञा के लगातार दिए जा रहे विवादित बयानों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है। दरअसल साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कांग्रेस की तरफ से साध्वी के बयानों पर लगातार निर्वाचन आयोग को शिकायती खत लिखा गया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए अंततः आज भारत निर्वाचन आयोग ने साध्वी पर बैन लगाने का निर्णय किया है।

इन बयानों की वज़ह से लगा साध्वी पर बैन
साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल की एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि मालेगांव विस्फोट मामले की जांच के दौरान आतंकवादी विरोधी दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे ने उन्हें यातनाएं दी थीं और उनके श्राप की वजह से ही करकरे की 26/11 आतंकवादी हमले में मौत हुई थी। इसके अलावा प्रगरा ने बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में खुद को शामिल होने की बात मीडिया पर कही थी। और उन्हें इसके लिए अपने ऊपर गर्व है।