बंगाल : राज्यपाल को जेयू के दीक्षांत समारोह में जाने से रोका गया

प्रदर्शनकारी प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध

कोलकाता (IANS)| कोलकाता स्थित जाधवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) के नॉन टीचिंग स्टाफ ने मंगलवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ को यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने से रोकते हुए उन्हें वापस लौटने के झंडे दिखाए और उनकी कार रोक ली। प्रदर्शनकारी प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध हैं। यूनिवर्सिटी के गेट संख्या पांच पर लगभग आधा घंटा इंतजार करने के बाद यूनिवर्सिटी के पदेन कुलाधिपति धनकर लौट गए।

धनकर की कार के यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंचने पर भारी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद ‘गो बैक (बापस जाओ)’ के नारे लगते रहे। इस दौरान धनकर सारा बंगले शिक्षाबंधु समिति के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के कारण वहीं फंस गए। ये लोग ‘नो एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर), नो सीएए (नागरिकता संशोधन कानून)’ लिखी तख्तियां भी लिए हुए थे। धनखड़ ने इसके बाद इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि ‘यहां कानून का बुरी तरह उल्लंघन हुआ है।’

उन्होंने ट्विटर पर कहा, “यूनिवर्सिटी के छात्रों को उनकी मेहनत का फल मिल सके, इसके लिए वहां गया था, जहां राजनीति से प्रेरित होकर मेरे प्रवेश पर रोक लगाई गई। इसके बाद इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि यहां कानून का बुरी तरह उल्लंघन हुआ है।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि उनका काफिला रोकने वालों की संख्या सिर्फ 50 थी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टैग करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, “अवरोध करने वालों की संख्या सिर्फ 50 थी। सरकारी तंत्र को बंधक बना लिया गया है और जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारियों से बेखबर हैं। इस पतन से सिर्फ अनचाहे परिणाम ही हासिल हो सकते हैं। कहीं भी कानून का राज नहीं है।” सोमवार को भी बड़ी संख्या में जेयू के छात्रों और कर्मियों ने धनकर की कार रोककर ‘गो बैक’ के नारे लगाए थे। वे परिसर में यूनिवर्सिटी कोर्ट की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इसके बाद वे बिना बैठक में भाग लिए लौट गए थे। हालांकि उन्होंने राज भवन लौटने से पहले कुछ छात्रों के सवालों के जवाब जरूर दिए थे।