Big News : राम मंदिर पर फैसला नामंज़ूर, बोर्ड ने कहा – नहीं चाहिए ज़मींन

पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद मामले में अपने ऐतिहासिक फैसले की समीक्षा करने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला लिया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारियों ने आज बैठक के बाद कहा कि एक महीने के भीतर एक समीक्षा याचिका दायर की जाएगी। लॉ बोर्ड ने आज कहा “हम किसी भी जमीन को मस्जिद के बदले स्वीकार नहीं कर सकते।” राम मंदिर के लिए विवादित 2.77 एकड़ जमीन को सौंपने के आदेश के बाद मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने के आदेश पर ये बात बोर्ड ने कही है। हालांकि यह जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गई है, जिन्होंने ये स्पष्ट कहा है कि वे अदालत के फैसले को चुनौती नहीं देगा। वक्फ बोर्ड ने कहा कि वह “एक बंद अध्याय को नहीं खोलना चाहता” क्योंकि इस तरह के कदम से तनाव पैदा होगा।

इस पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा “अधिकांश वादकर्ता समीक्षा याचिका चाहते हैं। मामले में एक प्रमुख याचिकाकर्ता जमीयत उलेमा-आई हिंद ने कहा है कि वे भी एक समीक्षा याचिका के पक्ष में है। सूत्रों ने कहा कि तीन याचियों द्वारा पहले समीक्षा याचिका दायर की जाएगी।

हालांकि, वक्फ बोर्ड को एक मस्जिद के लिए किसी भी भूमि को स्वीकार करने के लिए सहमति देना अभी बाकी है। शरीयत कानूनों के तहत, एक मस्जिद को पैसे या जमीन के बदले नहीं दिया जा सकता है।