Big News : महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन…

चुनाव परिणाम के 20 दिन बाद भी नहीं बनी सरकार

मुंबई। आखिरकार महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की एक रिपोर्ट के बाद ये फैसला लिया गया है। शनिवार से उन्होंने जिन तीन पार्टियों को आमंत्रित किया था, उनमें से कोई भी भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्याबल का दावा करने में असफल रही है, लिहाज़ा अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागु कर दिया गया है।

दरअसल महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यिारी ने राज्य की मौजूदा हालत की रिपोर्ट केंद्र को भेजी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि संविधान के मुताबिक राज्य में सरकार नहीं बन सकती है। उन्होंने रिपोर्ट में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी। नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने राज्यपाल के इस सिफारिश को अपनी स्वीकृति दे दी थी, इसके बाद गृह मंत्रालय ने इस फाइल को राष्ट्रपति के पास भेज दी थी। राष्ट्रपति ने राज्य में संविधान की धारा-356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है।


ग़ौरतलब है कि 24 अक्टूबर के राज्य चुनाव परिणामों के 20 दिन बाद भी सरकार नहीं बन पाने के बाद ये फैसला लिया गया है। राज्यपाल द्वारा राकांपा को दी गई समय सीमा समाप्त होने से पहले ही राष्ट्रपति शासन लगा दिया। शिवसेना के समर्थन पर चर्चा करने के लिए सहयोगी कांग्रेस और एनसीपी के बीच बैठकों के बीच में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई थी। शिवसेना द्वारा हिस्सेदारी के दावे को तीन दिन का विस्तार नहीं मिल पाने के बाद शरद पवार की एनसीपी को सरकार बनाने का निमंत्रण मिला। राज्यपाल को और समय देने से इनकार करने के खिलाफ शिवसेना सुप्रीम कोर्ट गई है।