महाप्रबंधक रहे अशोक चतुर्वेदी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने FIR पर दिया स्थगन

सुनवाई तक किसी भी प्रकार से याचिकाकर्ता को परेशान ना करने की हिदायत

रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक रहे अशोक चतुर्वेदी को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अशोक चतुर्वेदी के ख़िलाफ़ EOW में दर्ज़ की गई एफआईआर पर स्थगन आदेश दे दिया है।

गौरतलब है कि चतुर्वेदी के विरुद्ध EOW रायपुर में हुए दो FIR क्रमांक 16/2020 एवं 19/2020 दर्ज हुई थीं। जिसके खिलाफ चतुर्वेदी ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।

सुप्रीम कोर्ट में आज इन दोनों मामलों के विरूद्ध दायर याचिका की सुनवाई हुई। ये सुनवाई सर्वोच्च न्यायलय की तीन जजों की खंडपीठ द्वारा की गई। इस खंडपीठ में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, ए. एम. खानविलकर और संजीव खन्ना शामिल है। मामले की पैरवी सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता मुकुल रोहोतगी एवं उनके साथी अधिवक्ताओं ने की।

खंडपीठ ने उक्त दोनों प्रकरण में दायर याचिका के खिलाफ सुनवाई कर स्थगन आदेश दिया है। कोर्ट की तरफ से ये भी स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई तक किसी भी प्रकार से याचिकाकर्ता को परेशान ना किया जाए।

याचिकाकर्ता अशोक चतुर्वेदी के वकीलों ने बताया कि राज्य के उच्चाधिकारियों के दबाव में दुर्भावनावश बार बार FIR दर्ज़ की जा रही है। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए स्थगन आदेश जारी किया है।

उन्होंने कहा कि खंडपीठ को यह भी बताया गया कि तीन मामलों में पूर्व में उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत दिए जाने के बावजूद अवमानना करते हुए FIR पंजीबद्ध किया गया। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने अवमानना याचिका की बात भी कही है।

संबंधित पोस्ट

सुप्रीम कोर्ट ने वैक्सीन नीति को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछे

कानून तोड़ने पर ममता के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है सीबीआई : सुप्रीम कोर्ट 

चुनाव बाद हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल और केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा, मीडिया के खिलाफ शिकायत करना बंद करें

नीट पीजी परीक्षा स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे डॉक्टर

वस्तु एवं सेवा कर नागरिक-हितैषी होना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी महाराष्ट्र सरकार

परमबीर की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट भेजा

स्थानीय निकायों में ओबीसी कोटा की सीमा 50 फीसदी का उल्लंघन न हो : सुप्रीम कोर्ट

ओटीटी कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए क्या कदम उठा रही है सरकार : सुप्रीम कोर्ट

सुशांत मामले में सीबीआई की चुप्पी पर सवाल उठाना है तो हाईकोर्ट जाएं : सुप्रीम कोर्ट  

एफआईआर के खिलाफ थरूर, सरदेसाई और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट रूख किया