चंद्रयान-2 : नासा को विक्रम लैंडर का मलबा मिला

नासा ने खोजा चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का दुर्घटनास्थल

न्यूयॉर्क। अंतरिक्ष में रुचि लेने वाले एक भारतीय द्वारा अमेरिका के ऑर्बिटिंग कैमरा से चंद्रमा की तस्वीरों का निरीक्षण करने के बाद नासा ने कहा कि उसे भारतीय चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर का दुर्घटनास्थल और मलबा मिला है। इस जगह का पता शनमुगा सुब्रमण्यम ने पता लगाया, जिन्होंने खुद लूनर रिकनाइसांस ऑर्बिटल कैमरा (एलआरओसी) से तस्वीरें डाउनलोड कीं। इसकी पुष्टि नासा और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने सोमवार को की। नासा ने कहा कि पहली धुंधली तस्वीर दुर्घटनास्थल की हो सकती है जो एलआरओसी द्वारा 17 सितंबर को ली गई तस्वीरों से बनाई गई है। कई लोगों ने विक्रम के बारे में जानने के लिए इस तस्वीर को डाउनलोड किया।

नासा ने कहा कि उनमें से एक सुब्रमण्यम ने मलबे की सकारात्मक पहचान के साथ एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) में स्थित एलआरओसी प्रोजेक्ट से संपर्क किया। एएसयू ने कहा, “यह जानकारी मिलने के बाद एलआरओसी टीम ने पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना कर पहचान की पुष्टि कर दी।” यूनिवर्सिटी ने कहा कि जब पहले मोजाइक के लिए 17 सितंबर को तस्वीरें ली गईं, तो दुर्घटनास्थल बहुत धुंधला दिख रहा था और आसानी से इसे पहचाना नहीं जा सकता था। लेकिन 14-15 अक्टूबर को और 11 नवंबर को ली गई तस्वीरों के दो क्रम बेहतर थे। यूनिवर्सिटी ने कहा कि सुब्रमण्यम द्वारा दी गई सूचना पर एलआरओसी टीम ने नए मोजाइक्स में आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली और दुर्घटनास्थल तथा मलवे का स्थान देख लिया। यूनिवर्सिटी ने कहा कि दुर्घटनास्थल 70.8810 डिग्री एस, 22.7840 डिग्री ई, 834 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। एएसयू ने कहा, “शनमुगा ने सबसे पहले मलबा मुख्य दुर्घटनास्थल से 750 मीटर उत्तर-पश्चिम में देखा।” छह सितंबर को चंद्रयान-2 से लॉन्चिंग के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्टलैंडिंग करने के प्रयास के दौरान लैंडर विक्रम का भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से संपर्क टूट गया था।