इस वज़ह से छत्तीसगढ़ राज्य के जनक कहे जाते है ” अटल बिहारी बाजपेयी “

अटल बिहारी बाजपेयी की हालत जस की तस नहीं सुधरी तबियत

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के जनक कहे जाने वाले अटल बिहारी बाजपेयी की हालत बेहद नाज़ुक है। उन्हें एम्स में लाइफ़ सपोर्ट मशीन पर रखा गया है। एम्स से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक़ उनकी हालत जस की तस बताई जा रही है। बल्कि उनके स्वास्थ्य में बीते 24 घंटे में और भी ज़्यादा क्षति हुई है।

बाजपेयी अटल बिहारी

मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक़ अटल बिहारी वाजपेयी को मूत्रनली में संक्रमण, गुर्दा (किडनी) की नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। अटल बिहारी का एक ही गुर्दा काम करता है हालांकि, इन सबमें डिमेंशिया से भी अटल बिहारी वाजपेयी सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। डाक्टरों के मुताबिक़ डिमेंशिया कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक अवस्था है। डिमेंशिया में इंसान की याददाश्त कमजोर होना, अपना डेली रूटीन वर्क भी नहीं करना जैसे हालात बनते है। डिमेंशिया से पीड़ित लोगों में शार्ट मेमोरी जैसे सिम्टम्स भी नज़र आते है।

दो दफ़े एम्स पहुंच चुके है पीएम मोदी
अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बिगड़ने पर बुधवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें देखने के लिए एम्स पहुंचे थे। पीएम केआलावा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्रीयों में सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी चौबे, स्मृति ईरानी, शाहनवाज हुसैन, हर्षवर्धन भी एम्स पहुंच चुके है।अटल बिहारी

तीन बार रह चुके है प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है। वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं।

अटल ने दी थी छत्तीसगढ़ राज्य की मंज़ूरी
अटल बिहारी बाजपेयी की वज़ह छत्तीसगढ भारत के नक़्शे में नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। अटल छत्तीसगढ को राज्य के रुप में स्थापित किया और उसे मंज़ूरी दिलाई थी। उनका लगाव छत्तीसगढ से लगातार बना रहा, बतौर प्रधानमंत्री अटल जी सबसे ज्यादा वक़्त छत्तीसगढ में रुके,तीन दिन दो रात वे छत्तीसगढ भवन में रुके थे। अटल ने बिलासपुर को रेलवे ज़ोन, सीपत एनटीपीसी, राज्य को एम्स जैसी कई सौग़ात दी है।