CBI की कैद में गुजरेगी चिदंबरम की जन्माष्टमी और वीकेंड

सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत सोमवार को सुनवाई

नई दिल्ली। पी. चिदंबरम की मुश्किलें फिलहाल कम नहीं हो रही है। पी चिदंबरम अपनी जन्माष्टमी सीबीआई की कैद में ही मनाएंगे और उनका इस बार का वीकेंड भी CBI कस्टडी में ही बीतेगा। अब उन्हें सोमवार तक सीबीआई की हिरासत में ही रहना होगा।


दरअसल इस मामलें में अग्रिम जमानत की याचिका हाईकोर्ट से खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था जहाँ कोर्ट ने सोमवार को इस मामलें को सुनने का फैसला किया है। अब सुप्रीम कोर्ट में इसी मामलें में ईडी की अपील पर सुनवाई की जा रहे है। चिदंबरम मामलें की सुनवाई के दौरान जस्टिस भानुमति ने कहा कि सही हो या गलत, अब कस्टडी के ऑर्डर कोर्ट से पास हो चुके है। उन्होंने आगे पूछा कि कबतक के लिए कस्टडी दी गई है। जिसके जवाब में सीबीआई की तरफ से जानकारी कोर्ट को दी गई, जिसके बाद सीबीआई मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए टल गई है।

                   इधर कोर्ट में ईडी की ओर से अपना पक्ष रखते हुए कहा गया है कि हमें विदेश में 10 प्रॉपर्टी, 17 बैंक अकाउंट बरामद हुए है जो पी चिदंबरम के इस मामलें से ताल्लुक़ात रखते है। ईडी ने कहा कि इन खातों में कंपनियों से भुगतान मामलें में आरोपी बनाए गए व्यक्ति के करीबियों को किया गया है। जिसके लिए हमे पूछताछ करनी होगी। जिसके लिए हमे आरोपी की कस्टोडियल रिमांड लेकर पूछताछ करने की बात ईडी की तरफ से कहीं गई है।

         इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ईडी के पास गिरफ्तार करने की ताकत है, हमारे पास गिरफ्तारी के कारण भी है। इस दौरान कोर्ट ने पूछा कि क्या पहले ईडी के केस में अंतरिम जमानत मिल चुकी है? जिस पर चिदंबरम के वकील ने कहा कि 14 महीने तक उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी, जब समन किया गया तो वह पेश भी हुए। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी सवालों का जवाब नहीं दे रहे है। ईडी की ओर से तुषार मेहता ने कहा कि सोमवार तक आरोपी को प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं है, हम तब पूरी केस डायरी भी रख देंगे जिसमें मामले की पूरी जानकारी होगी।