उत्तर भारत में ठंड ने ली 84 जानें

कोहरे ने रोकी ट्रेनों-विमानों की रफ्तार

नई दिल्ली। देश के लगभग सभी राज्यों में ठंड प्रकोप बढ़ता जा रहा है। खासतौर पर उत्तर भारत में तापमान न्यूनतम एक डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, घने कोहरे के कारण जनजीवन भी प्रभावित नजर आया। आलम ये है कि घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली 34 ट्रेनें कम से कम 15 घंटों की देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उत्तर रेलवे के अनुसार, भुवनेश्वर-आनंद विहार ओडिशा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 15 घंटे देरी से चल रही है, जिसके बाद पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस 13 घंटे, लखनऊ-मेरठ एक्सप्रेस 12 घंटे और चेन्नई-हजरत निजामुद्दीन दूरंतो एक्सप्रेस 8.30 घंटे देरी से चल रही है। इस बीच अमृतसर-नांदेड़ सचखंड एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस निर्धारित समय से छह घंटे देरी से चल रही हैं, जिनके बाद हैदराबाद-नई दिल्ली तेलंगाना एक्सप्रेस 5.30 घंटे देरी से चल रही है।

लखनऊ-नई दिल्ली गोमती एक्सप्रेस और पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चल रही हैं, वहीं चंडीगढ़-यशवंतपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चार घंटे, हावड़ा-नई दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस तीन घंटे, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस 3.15 घंटे और डिब्रूगढ़-आनंद विहार ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस दो घंटे देरी से चल रही हैं। सोमवार को उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली 30 ट्रेनें लेट थीं।

वहीं, उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण सोमवार को 300 हवाई उड़ान प्रभावित हुई है, जबकि सुबह 6 से दिन के 12 बजे तक करीब 260 उड़ानें रद्द हुई हैं। इनके अलावा अन्य 50 विमान, जो दिन के 12 बजे से शाम 6 बजे तक अपने गंतव्य के लिए रवाना होने वाली थी, वह भी देरी से उड़ान भर रही हैं। निजी एयरलाइंस जैसे इंडिगो और विस्तारा ने सोमवार को अपने यात्रियों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रीय राजधानी से उड़ान भरने वाली कई विमान खराब मौसम व कम दृश्यता के कारण प्रभावित हुई हैं।

बीते कुछ दिनों से कम दृश्यता और घने कोहरे के कारण पूरे उत्तर भारत के लिए कई विमान देर से उड़ान भर रही हैं। वहीं, सोमवार की सुबह को बजट एयरलाइंस स्पाइसजेट ने भी अपने यात्रियों से कहा था कि दिल्ली के लिए और दिल्ली से अपने उड़ान स्टेटस को ट्रैक करते रहे।

उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड और कोहरे की मार से 84 लोगों की जान चली गई। कानपुर और बुंदेलखंड में शीतलहर से बुरा हाल है। मध्य यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में ठंड से 45 लोगों की जान चली गई। अकेले कानपुर में ही 22 लोगों ने जान गंवा दी। वेस्ट यूपी में शीतलहर से सोमवार को 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 मेरठ और एक मुजफ्फरनगर का है। मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मेरठ में रात का पारा 2.5 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 7.8 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

एटा जिले में ठंड के कारण दिल का दौरा पड़ने से तीन बुजुर्गों की मौत हो गई। आगरा के फतेहाबाद में फसल की रखवाली कर रहे वृद्ध किसान की मौत हो गई। हाथरस कोतवाली क्षेत्र में ठंड से बुजुर्ग जबकि सादाबाद में फसल की रखवाली कर रहे किशोर की जान चली गई। बरेली में ठंड ने एक युवक की मौत हो गई।

पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में शीतलहर के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं। ठंड से 20 लोगों की मौत हो गई। सोनभद्र क्षेत्र में सबसे ठंडा रहा। मुरादाबाद मंडल में ठंड ने 6 लोगों की जान ले ली।