साथी बंदी की फांसी सजा सुन विचाराधीन कैदी की मौत…

साथी कैदी की तरह फांसी के खौफ से मौत की आशंका

भुवनेश्वर। ओडिशा में दुष्कर्म के एक दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। अपने साथी बंदी की फांसी की सजा सूनकर उसी जेल में कैद अन्य एक विचाराधीन कैदी की मौत हो गई। यह घटना ओडिशा के केंदूझर जेल की है। मृतक का नाम तुरी मुंडा है। जानकारी के मुताबिक, केंदूझर जिले में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले के दोषी सुनील नायक को फांसी की सजा सुनाई गई है। केंदूझर के एडीजे लोकनाथ साहू ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद पोक्सो कानून के आधार पर यह फैसला सुनाया गया है।

सजा सुनाए जाने के बाद उसे केंदूझर जेल में तुरी के साथ रखा गया था। तुरी भी यहां पर नाबालिग से दुष्कर्म के विचाराधीन मामले में कैद था। शुक्रवार की सुबह अचानक उसे दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद उसकी वहीं मौत हो गई। जेल प्रशासन को संदेह है कि तुरी को सदमा लग गया था कि सुनील की तरह उसे भी फांसी की सजा मिल सकती है। इस सदमे से उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक ने कहा है कि इस मामले में अधिक जांच के बाद ही असल कारण का पता चलेगा। खबर लिखे जाने तक तुरी के परिवार से कोई भी सदस्य जेल में नहीं पहुंचा था। गौरतलब है कि 13 जनवरी 2017 में चंपुआ थाना क्षेत्र में तीन साल की बच्ची के साथ रोंगटे खड़े कर देने वाला अपराध सामने आया था। इस मामले में 28 गवाहों के बयान को एडीजे ने सुना और दोषी को फांसी जैसी कड़ी सजा सुनाई। दूसरी तरफ दोषी सुनील अपनी रिहाई की फरियाद उच्च अदालत में करेगा।