जम्मू कश्मीर आएगा डेलीगेशन, जहाज नहीं…मिलने की दे अनुमति – राहुल गाँधी

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक को राहुल गाँधी का जवाब

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर पर राहुल गाँधी ने वहां के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कश्मीर आने के आमंत्रण को स्वीकारा है। और राहुल ने जम्मू कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार पर तंज़ कस्ते हुए कहा है कि उन्हें कश्मीर घाटी आने के लिए किसी विमान की जरूरत नहीं है, बस हमारे डेलिगेशन वहां लोगो से मिलने और उनसे बातचीत की आज़दी दी जाए। राहुल ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक को ट्वीट कर कहा है कि वे उनके वहां आने के निमंत्रण को स्वीकार कर रहे है।

                  राहुल ने कहा कि विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल और मैं आपके जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आने के लिए आपके निमंत्रण को स्वीकार करता हूँ। उन्होंने आगे लिखा है “हमें विमान की जरूरत नहीं है, लेकिन कृपया हमें वहां पर रह रहे लोगों, स्थानीय नेताओं और वहां तैनात हमारे सैनिकों से मिलने और यात्रा करने की स्वतंत्रता सुनिश्चित कर दें।”

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा उन्हें कश्मीर घाटी में उड़ान भरने और खुद स्थिति का निरीक्षण करने के लिए मीडिया में दिए गए बयान के बाद राहुल ने ये ट्वीट किया है। दरअसल राहुल गांधी ने दावा किया था कि संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू और कश्मीर में हिंसा हुई है। जिसके बाद राज्यपाल मलिक ने उन्हें खुद वहां आकर स्तिथि देखने कहा था।

नहीं दी गई थी अनुमति
धारा 370 हटने के बाद पिछले हफ्ते कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद और साथ ही सीपीआई और सीपीआई-एम के महासचिव डी। राजा और सीताराम येचुरी को हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद श्रीनगर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्हें लोगों और पार्टी के गिरफ़्तार नेताओं से मिलने की अनुमति के बिना वापस दिल्ली भेज दिया गया।