CAA के खिलाफ़ देशभर में प्रदर्शन…थमी दिल्ली, हज़ारों गिरफ्तार

कहीं हथकड़ी पहन मांगी आज़ादी तो कहीं प्रदर्शन से पहले ही अरेस्ट

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ एक सप्ताह से चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी इलाके में चरम पर पहुंच गया। प्रदर्शनों के चलते दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी के आसपास स्थित सीमा क्षेत्र के प्रवेश मार्गों पर यातायात बंदोबस्त चरमरा गए। सबसे ज्यादा प्रभावित नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी, उत्तरी दिल्ली जिले रहे। जबकि बार्डर पर सबसे ज्यादा जाम का झंझट नोएडा-डीएनडी मार्ग, महरौली-गुरुग्राम (एमजी रोड) तथा दिल्ली गुरुग्राम नेशनल हाईवे-8 पर देखने को मिला।

दिल्ली पुलिस और आमजन का सबसे पहले और सबसे ज्यादा परेशानी से सामना सुबह करीब 11 बजे से उत्तरी दिल्ली के कोतवाली थाना इलाके में स्थित लाल किले के चारों ओर स्थित मार्गों पर हुआ। दिल्ली पुलिस से अनुमति न मिलने के बाद भी यहां जमा हुई भीड़ के कारण लाल किला, चांदनी चौक, सदर बाजार जाने वाला रास्ता (बाया लाहोरी गेट), राजघाट के आसपास के रास्ते बुरी तरह जाम हो गए।

दिल्ली में योगेंद्र, संदीप और उमर गिरफ़्तार
राष्ट्रीय राजधानी स्थित लाल किला क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद और उनके साथियों को भी हिरासत में ले लिया। खालिद अपने साथियों के साथ लाल किला से आईटीओ स्थित शहीद पार्क तक जाना चाहते थे। इस दौरान आईटीओ जाने वाला मार्ग वाहन व पैदल यात्री दोनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान मंडी हाउस पर हिरासत में ले लिया गया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

हथकड़ी के साथ उतरे सांसद पप्पू यादव
बिहार में बंद का समर्थन कर रहे जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और पूर्व सांसद पप्पू यादव इस दौरान बेड़ियां पहनकर सड़क पर उतरे और उन्होंने आजादी मांगी। वहीं महात्मा गांधी सेतु पर प्रदर्शनकारियों ने डीजे में भोजपुरी गाने पर साड़ी पहनकर नृत्य किया। इस बीच राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास कई बंद समर्थकों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। वामपंथी दलों के इस बंद का रालोसपा, जन अधिकार पार्टी, हम, वीआईपी ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “नागरिकता संशोधन अधिनियम संविधान की आत्मा पर हमला है। इस अधिनियम से देश को बांटने का प्रयास किया गया है।” उन्होंने इस अधिनियम से आजादी की मांग की।

उत्तर प्रदेश में भी प्रदर्शन
नागरिकता संसोधन कानून और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार सहित कई मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काकोरी में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन की भनक लगते ही पुलिस ने पूर्व विधायक इरशाद खां को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। काकोरी में ताड़तला वार्ड से विरोध जुलूस निकाला गया, जिसे पुलिस ने लाठी फटकार कर खत्म कर दिया।

हैदराबाद में प्रदर्शनकारियों को रोका
इधर सीएए के खिलाफ हैदराबाद में एक रैली में भाग लेने जा रहे दर्जनों कार्यकर्ताओं और वामपंथी नेताओं को पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को शहर का दिल कहे जाने वाले एक्जीबिशन ग्राउंड्स में जाने के दौरान रोका। वामपंथी दलों और कई मुस्लिम संगठनों ने एक्जीबिशन ग्राउंड्स से राज्य विधानसभा भवन तक रैली का आह्वान किया था। हालांकि रैली करने के लिए पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। इधर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) नेता कुलदीप ने आईएएनएस से कहा, “छात्र मार्च के लिए रवाना होने बस में बैठ गए थे, लेकिन पुलिस बस में घुस गई और उसे फाइनेंशियल डिस्ट्रिक की ओर घुमा दिया।”

बेंगलुरु में इतिहासकार समेत 300 हिरासत में
कर्नाटक के बेंगलुरू, कलबुरगी और शिवमोगा में प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों में इतिहासकार रामचंद्र गुहा भी शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “तीन दिन से धारा 144 लागू होने के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर इकट्ठे होने की कोशिश कर रहे लगभग 300 प्रदर्शनकारियों को बेंगलुरू के टाउन हॉल में हिरासत में रखा गया है।”