बाढ़ में बहा कई राज्यों का विकास, 270 मौत के बाद भी मौत का तांडव ज़ारी

आधा दर्जन राज्यों में बढ़ से थमी जिंदगी राहत शिविरों में 10 लाख लोग

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। कुछ एक राज्यों में बारिश बंद होने से राहत कार्य में तेजी आई है। वहीं बाढ़ में मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक भारत में बाढ़ और भूस्खलन से 270 से ज़्यादा मौते हो चुकी है। वही देशभर में तक़रीबन 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित किए गए है। छह राज्यों के हजारों घरों में पानी भर गया है।

                    जून से सितंबर तक की बारिश ग्रामीण भारत के लिए एक लाइफ़ लाइन मानी जाती है, लेकिन यही बारिश इस साल सैकड़ों मौतों और हज़ारों घरो की तबाही का कारण बनती है। दक्षिणी राज्य केरल और कर्नाटक और पश्चिम में महाराष्ट्र और गुजरात बाढ़ की तगड़ी मार झेल रहे है। इस बारिश से हजारों हेक्टेयर की फसलें तो खराब हुई ही है, इसके आलावा सड़कों और रेल लाइन भी इस बाद के भाव में बाह चुकी है।

केरल में बाढ़ क़हर
केरल में कम से कम 95 लोग मारे गए और 50 से अधिक लापता है। जहां पिछले सप्ताह भारी वर्षा से दर्जनों भूस्खलन हुए और 100 से अधिक लोग फंसे हुए है। केरल में बचाव दल ने वायनाड में मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद बाढ़ वाले इलाके से बाहर आने में लोगों की मदद की है।मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राज्य में लगभग 1.9 लाख लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं।

कर्णाटक में कोहराम
केरल के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में जब नदियों के बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद यहाँ मौत का तांडव तेज़ी से बढ़ा। तब 54 लोग मारे गए और 15 लापता हैं। राज्य में लगभग 7 लाख लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकें से निकाला गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में कल भी भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है।

बाढ़

गुजरात, महाराष्ट्र, समेत और भी राज्यों में तबाही
गुजरात के अहमदाबाद में भारी बारिश के बाद हवाई दौरे से खींची गई बाढ़ प्रभावित इलाकों की वाले इन रिहाशयशी इलाकों की तबाही को बताने के लिए काफी है।गुजरात में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि उत्तरी पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भूस्खलन से लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हो गई। वहीं महाराष्ट्र में 48 लोगों की मौत हो गई, लेकिन बाढ़ के पानी में डूबे लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के अफसरों के मुताबिक़ कुछ इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करने की कोशिश जारी है। वहीं अधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश में सोयाबीन के सबसे बड़े उत्पादक, भारी बारिश से 32 लोग मारे गए और फसलों को नुकसान पहुंचा।