अपने ही बयान से पलटे दिग्विजय ट्वीटर पर निकाली खीज…

बजरंग दल को दिग्विजय ने बताया था आईएसआई एजेंट

भोपाल। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने ही बयान से मुकर कर मीडिया पर हमलावर हो गए है। दरअसल दिग्विजय सिंह ने कहा था, “बजरंग दल और बीजेपी आईएसआई से पैसा ले रहे हैं। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।” सिंह ने यह कहते हुए अपने दावे को सांप्रदायिक आयाम दिया कि “गैर-मुस्लिम पाकिस्तान के आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे हैं, जितना कि मुसलमानों को समझना चाहिए।”

हालाँकि बवाल मचने के बाद दिग्विजय ने इस संबंध में ट्वीट कर अपने ही बयान से पलटी मारी है। दिग्विजय ने अपने पहले ट्वीट में मीडिया पर ही सवाल दागते हुए लिखा ” कुछ चेनल चला रहे हैं कि मैंने भाजपा पर यह आरोप लगाया है कि वे ISI से पैसा ले कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यह पूरी तरह से ग़लत है। ”

ठीक इसके बाद एक और ट्वीट कर उन्होंने लिखा “कुछ चेनल चला रहे हैं कि मैंने भाजपा पर यह आरोप लगाया है कि वे ISI से पैसा ले कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यह पूरी तरह से ग़लत है।”

कोर्ट जाएगा बजरंगदल
बजरंग दल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगा। जिसमें आरोप लगाया गया कि संगठन के सदस्य पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहे थे और उसे पैसे मिल रहे थे। बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी ने कहा, ‘हम दिग्विजय सिंह के बयान की कड़ी निंदा करते हैं। हम कानूनी कार्रवाई करेंगे और उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।’


दिग्विजय सिंह को हिंदू विरोधी बताते हुए सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस नेता ने अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो दी है और इस तरह के बयान देकर वह अपनी कांग्रेस पार्टी को और अलग करना चाहते हैं।’ दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा पर पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से धन प्राप्त करने का आरोप लगाने के बाद बजरंग दल के संयोजक की प्रतिक्रिया दी।

फंडिंग रैकेट के बाद से निशाने पर भाजपा
दरअसल मध्य प्रदेश में बीजेपी पिछले हफ्ते से विपक्ष के निशाने पर है, जब पाकिस्तान में आईएसआई के गुर्गों द्वारा संचालित एक आतंकी फंडिंग रैकेट में सतना जिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों में से एक बजरंग दल का नेता है जिसका नाम बलराम सिंह बताया गया है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को एक ऐप का उपयोग करके अपने संचालकों के साथ संवाद करने के लिए मिला, जो इसे भेजे गए संदेशों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखता है।