एनएमसी बिल के खिलाफ हुआ देशभर में डॉक्टरों का प्रदर्शन

बिल वापस नहीं लेने की दिशा में भूखहड़ताल पर जाएंगे डॉक्टर

 

नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मेडिकल स्टूडेंट नेटवर्क का नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल 2019 का विरोध जारी है। आईएमए के विरोध के चार मुख्य बिंदु तय किए गए है। जिसमें पहले नंबर पर एनएमसी बिल एमबीबीएस मेडिकल प्रोफेशनल्स के अलावा अन्य पैथी में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को मिक्सपैथी सभी प्रकार की पैथी से इलाज करने की इजाजत दे दी जाएगी इससे भारत के उच्च गुणवत्ता वाले मेडिकल प्रोफेशनल का स्तर बहुत नीचे गिर जाने की बात कहीं जा रही है।


वहीं दूसरे बिंदु में नेशनल मेडिकल कमीशन बिल प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की 50% सीटों को मैनेजमेंट कोटे में दे देगा जिससे मेडिकल शिक्षा बहुत ज्यादा महंगी हो जाएगी। तीसरे बिंदु में आईएमए ने कहा है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में सरकार ने बीच का अध कचरा रास्ता निकाल लिया है। जिसमें एक तिहाई से ज्यादा अर्ध शिक्षित तथाकथित झोलाछाप डॉक्टरों को एलोपैथी मॉडर्न मेडिसिन की प्रैक्टिस करने की इजाजत मिल जाएगी। जिससे इलाज की गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

अस्पतालों की ओपीडी बंददेशभर में हो रहा है प्रदर्शन
इधर इस बिल को लेकर देश भर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का ज़बरदस्त प्रदर्शन जारी है। पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी के पास नार्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के मेडिकल छात्रों ने नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी विधेयक, 2019 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके समर्थन में हैदराबाद के उस्मानिया मेडिकल कॉलेज में भी डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन देखने के लिए मिला। इसके आलावा देश के विभिन्न इलाकों से ऐसे प्रदर्शन की खबरे सामने आई है। इस बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल काउंसिल एसोसिएशन ने देशभर में 24 घंटों के लिए गैर जरूरी सेवाओं को वापिस लेने का आवाह्न दिया है। इस बिल के विरोध प्रदर्शन में देश भर के राज्यों में प्रदर्शन और भूख हड़ताल की जाएंगी।