प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बाढ़ प्रभावितों के लिए दिए 500 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण ली बैठक

कोच्चि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। केरल में बाढ़ प्रभावित लोगो के लिए उन्होंने पीएमएनआरएफ से मृतक के रिश्तेदारों को प्रति व्यक्ति 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए लोगो को 50,000 रुपए देने का एलान किया है।

PM Visit Keral
पीएम ने 12 अगस्त को घोषित 100 करोड़ के अलावा, प्रधानमंत्री ने केरल के राहत कार्यों के लिए तत्काल सहायता देते हुए 500 करोड़ रूपए की घोषणा की है। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोन्स और अन्य अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक लेकर पुरे केरल की वर्तमान स्तिथि को भी जाना। उन्होंने इस बैठक में प्रदेश में हुए मानवीय क्षति के लिए अपनी संवेदना भी जताई है। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य सरकार को पर्याप्त राहत सामग्री भेजने का आश्वासन दिया है।

PM Meeting In Kerla
इधर प्रधानमंत्री मोदी ने बीमा कंपनियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रभावित परिवारों और लाभार्थियों को मुआवजे के मूल्यांकन और समय पर उन्हें बीमा की रकम दिलाने कैम्प लगाने भी कहा है। फसल बीमा योजना के तहत कृषिविदों के दावों की प्रारंभिक मंजूरी के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

पहले शुरू करे कनेक्टिविटी
पीएम मोदी ने बैठक में सड़कों की कनेक्टिविटी और बिजली सप्लाई पर ज़ोर दिया है। उन्होंने प्राथमिकता पर बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को निर्देशित किया। एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पीजीसीआईएल) जैसे केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र को भी बिजली लाइनों को बहाल करने में राज्य सरकार को सभी संभव सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

इन योजनाओं से केरल में मिलेगी राहत
केंद्र और राज्य सरकार की वबिभिन्न योजनाओं से केरल में बाढ़ प्रभावितों को राहत देने की तैयारी की जा रही है। बैठक में फैसला लिया गया कि जिन ग्रामीणों के घर बाढ़ में नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्राथमिकता पर घर उपलब्ध कराए जाएंगे। बागवानी के एकीकृत विकास के मिशन के तहत, किसानों को क्षतिग्रस्त बागवानी फसलों की प्रतिपूर्ति के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।