अंतरिक्ष में एग रोल, हलवा, पुलाव उड़ाएंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री

इस तरह होगा मैन्यू, मैसूर डिफेंस फूड रिसर्च लैबरेटरी ने बनाए

नई दिल्ली। भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी तेज हो गई है। गगनयान से अंतरिक्ष की यात्रा पर चार भारतीय रूस जाने वाले हैं। वहीं इनके लिए अंतरिक्ष में खाने पीने का सामान भी तैयार कर लिया गया है।

मैसूर स्थित डिफेंस फूड रिसर्च लैबरेटरी ने इन्हें विशेष वैज्ञानिक प्रक्रिया से तैयार किया है। इनमें एग रोल, वेज रोल, इडली, मूंग दाल, हलवा और वेज पुलाव सहित अन्य खाद्य पदार्थ हैं।

जानकारी के मुताबिक भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का गगनयान मिशन दिसंबर 2021 में लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए इसरो ने देशभर से चार लोगों का चुनाव किया है। ये एस्ट्रोनॉट्स अब ट्रेनिंग के लिए रूस जाएंगे। वर्ष 2022 में अंतरिक्ष की यात्रा पर जाने वाले गगनयान मिशन के अंतरिक्षयात्रियों के लिए डीआरडीओ ने विशेष खाना की लिस्ट तैयार की है।

साथ ही अतंरिक्षयात्रियों को खाना गर्म करने के लिए फूड हीटर्स भी दिए जाएंगे। इसके अलावा अंतरिक्षयात्रियों को पीने के लिए पानी और जूस दिया जाएगा। डीआरडीओ ने इन सभी सामान्य खानों को जीरो ग्रेविटी में खाने के लिए तैयार किया है, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों को खाने में किसी तरह की परेशानी न हो।

इस अंतरिक्ष मिशन के दौरान खाने के लिए 22 तरह के पकवान बनाए हैं। इनमें हल्का खाना, ज्यादा ऊर्जा वाला खाना, ड्राई फ्रूट्स और फल भी शामिल हैं। 

डीएफआरएल के निदेशक डॉ. अनिल दत्त ने बताया कि ये खाना स्वस्थ है और एक साल तक चल सकता है। उन्होंने कहा- अगर कोई अंतरिक्षयात्री मटन या चिकन खाना चाहता है तो हमने चिकन करी और बिरयानी की व्यवस्था की है। पैकेट को गर्म करके खाया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) देश के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने के लिए दिन-रात तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री को ओर से पहले की इसके लिए 2022 की डेडलाइन तय कर दी गई है।

गगनयान मिशन के लिए इसरो और भारतीय वायुसेना तैयारी कर रहे हैं। इस मिशन में पहली बार इसरो तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में सात दिन की यात्रा के लिए भेजेगा। इस मिशन के लिए इसरो वैज्ञानियों को विशेष ट्रेनिंग दे रहा है।अंतरिक्ष यात्रियों के सेलेक्शन का पहला चरण पूरा भी कर लिया गया है। यह प्रोसेस इंस्टिट्यूट ऑफ एयरस्पेस मेडिसिन में भारतीय वायुसेना कर रही है। इस मिशन के लिए भारतीय वायुसेना ने 10 टेस्ट पायलटों का चयन कर लिया है। इन 10 पायलटों में से गगनयान मिशन के लिए अंतिम चरण में तीन पायलटों को चुना जाएगा। गगनयान में तीन यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने की क्षमता है।