मप्र के गुना भाजपा सांसद केपी यादव के खिलाफ चारसौबीसी दर्ज

मामला गलत जानकारी देकर पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र बनवाने का

भोपाल। गलत जानकारी देकर क्रीमीलेयर से बाहर का पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में गुना सांसद ड़ॉ केपी यादव की मुसीबतें और बढ़ गई है। गुना संसदीय क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव पर बीती रात अशोकनगर कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। दोनों ने ही ओबीसी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आय से संबंधित जो दस्तावेज उपयोग किये थे वह गलत पाये गये थे। दोनो पर धारा 420,120बी 181एवं 182 के तहत मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में पुलिस खुद फरियादी बनी है।
बीते सप्ताह डॉक्टर के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव के जाति प्रमाण पत्र निरस्त किये जाने की खबर सामने आई थी, इसके बाद माना जा रहा था कि सांसद की मुसीबतें बढ़ सकती है। देर रात जो एफ आई आर दर्ज की गई है ,उसमें मुंगावली एसडीएम की जांच के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक गिरिराज यादव ने 22 दिसंबर को सांसद के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव के विरुद्ध मुंगावली एसडीएम कोर्ट द्वारा जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश पुलिस को दिया था। इस आवेदन के बाद कानूनी सलाह लेने के बाद कोतवाली टी आई पीपी मुदगिल की शिकायत में जीरो पर कायमी कर मूल कार्यवाही के लिये मुंगावली थाने के लिये प्रकरण भेजा जायेगा।

क्या था मामला
नवंबर माह में गिर्राज यादव की शिकायत पर मुंगावली एसडीएम कार्यालय में सांसद डॉ के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव की जाति प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी । गिर्राज यादव ने आरोप लगाया था कि दोनों ने ही अपने जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आय से संबंधित जो प्रमाण दस्तावेज पेश किए हैं वह असत्य है। एसडीएम ने जांच में पाया था कि दोनों ने ही क्रीमीलेयर से बाहर के जो प्रमाण पत्र हासिल किये है। उसके लिए वास्तविक आय से कम के आय प्रमाण पत्र दिए है। जबकि जांच में पाया गया था कि सांसद के पी यादव तो इनकम टैक्स रिटर्न भरते है ।इसके बावजूद उन्होंने क्रीमी लेयर से बाहर के ओबीसी प्रमाण पत्र के लिए अपनी आय 8 लाख रु से कम बताई थी। जबकि लोकसभा चुनाव के दौरान शपथ पत्र के माध्यम से जो आय के दस्तावेज प्रस्तुत किये गए थे वह करीब 39 लाख के थे। इसी कारण एसडीएम मावली ने डॉक्टर के पी यादव एवं उनके पुत्र सार्थक यादव के प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए थे और इसी कार्रवाई के बाद सांसद एवं उनके बेटे पर आपराधिक मामला दर्ज हो गया है।

बढ़ जायेगी मुसीबतें
सांसद पर आपराधिक मामला दर्ज होना बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है । इसके बाद सांसद की मुसीबतें अभी बढ़ सकती है। कांग्रेस के चर्चित नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा चुनाव में हराने वाले डॉ केपी यादव पर जो धाराएं लगी है, अगर कोर्ट में उनके खिलाफ मामला गया ,तो इस मे अधिकतम 7 साल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में उनकी सांसदी पर भी खतरा उत्पन्न हो जाएगा।