जम्मू-कश्मीर में 8 हज़ार सैनिकों की और तैनाती

ओडिशा, उत्तर प्रदेश और असम से बुलाए गई फ़ोर्स

नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 को खत्म करने की घोषणा के बाद आज देश के विभिन्न हिस्सों से कम से कम 8,000 अर्धसैनिक बलों को जम्मू-कश्मीर ले जाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ कहा कि भारतीय वायु सेना के सी -17 परिवहन विमान सेना को श्रीनगर ला रहे हैं। वे उन 35,000 सैनिकों के अतिरिक्त हैं, जिन्हें पिछले एक सप्ताह में जम्मू कश्मीर में तैनात किए जा चुके है। सैनिकों की भारी तैनाती पूरे राज्य में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए है क्योंकि कश्मीर से विशेष राज्य के दर्जे को हटाना एक अहम सियासी मुद्दा है। इसके पहले अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को कश्मीर घाटी और आसपास के क्षेत्रों से लौटने के लिए कहा गया है।

अनुच्छेद 370 रक्षा, संचार और विदेशी मामलों को छोड़कर सभी मामलों के लिए जम्मू और कश्मीर को अपना संविधान और निर्णय लेने का अधिकार देता है। संविधान के इस हिस्से को हटाने से कश्मीर के लिए विशेष दर्जा समाप्त हो जाता है। सरकार ने यह भी कहा है कि वह चाहती है कि संसद एक प्रस्ताव को मंजूरी दे, जो जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करता है, जो प्रभावी रूप से अर्ध-राज्य हैं। जम्मू और कश्मीर दिल्ली के समान ही एक राज्य क्षेत्र होगा, जिसका अपना विधानमंडल होगा। लद्दाख दूसरा होगा लेकिन वहां उसकी विधानसभा नहीं होगी।

ओडिशा असम यूपी से तैनात जवान
8,000 के करीब अर्धसैनिक बलों को उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीर घाटी में स्थानांतरित किया गया है। ट्रूप्स इंडक्शन अभी भी चल रहा है। इसके पहले जम्मू कश्मीर में 25 हज़ार सैनिकों को तैनात किये जाने और अमरनाथ यात्रा स्थगित करने एवं पर्यटकों को वापस बुलाने पर भी तगड़े सुरक्षा इंतज़ामात किए थे।