मुद्दों पर चुनाव लड़ें, अभद्र टिप्पणी कर नहीं-गडकरी

प्रधानमंत्री पर स्तरहीन बयानबाज़ी का गडकरी ने लगाया आरोप

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता ली है। इस पत्रकार वार्ता में गडकरी ने वर्तमान सियासी दंगल पर हो रहे बयानबाज़ी पर टिपण्णी की है। गडकरी ने कहा कि ये चुनाव पांच साल के हमारे परफॉर्मेंस के अधार पर है। हमारी नीतियां, हमारे किए हुए काम यही इस चुनाव में मुख्य विषय रहना चाहिए। गडकरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री किसी पार्टी के नहीं बल्कि देश के होते हैं। दुर्भाग्यवश प्रधानमंत्री के मान सम्मान की बजाय विपक्ष और खास तौर से कांग्रेस द्वारा की उन पर अभद्र टिप्पणियां की गई। जिसमें राहुल गांधी को तो सुप्रीम कोर्ट में अपने बयान के बारे में जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वो सबको पता है।

नितिन गडकरी                       गडकरी ने कांग्रेस की न्याय योजना पर तंज़ कस्ते हुए कहा कि जो 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं दे पाए वो क्या देश के गरीबों को न्याय देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पर्फोमेंस और कार्य चुनाव का मुद्दा न बने, इसके लिए विपक्ष दो बातों पर चुनाव को लेकर गये। पहला दलितों, माइनोरिटी, एससी-एसटी के मन में डर पैदा करना और दूसरा विकास के जो काम 50 साल में नहीं हुए और 5 साल में हुए, उस पर चर्चा न करके जानबूझकर गंदी-गंदी टिप्पणियां करना।

देश की सुरक्षा को भी बनाया मुद्दा
गडकरी ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर विपक्ष के लगातार सियासी हमलों पर भी जमकर हमला बोला है। गडकरी ने इंदिरा सरकार का ज़िक्र करते हुए कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान अटल जी के नेतृत्व सभी विपक्षी दलों ने तब की प्रधानमंत्री इंदिरा जी का समर्थन किया था और कहा कि देश की सुरक्षा में हम साथ हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा के विषयों का भी राजनीतिकरण किया गया। राजनीति में मतभिन्नता हो सकती है लेकिन मनभेद और दुष्प्रचार नहीं होना चाहिए।