प्लास्टिक बोतल और 5 टन रेत से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति

गणेश चतुर्थी पर पूरी बीच में सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने बनाई मूर्ति

भुवनेश्वर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने पर्यावरण को बचाने के लिए आज गणपति बाप्पा की एक अनोखी मूर्ति बनाई है। पटनायक ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ एक संदेश देने के लिए पुरी बीच पर 1000 प्लास्टिक की बोतलों के साथ भगवान गणेश की एक रेत की मूर्ति बनाई है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर बनाई गई इस कलाकृति के लिए पटनायक ने कहा कि ” हम सभी को अपने पर्यावरण के लिए ज़िम्मेदार होना चाहिए। सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग को खुद से बंद करें और हमारा पर्यावरण बचाओ ये संदेश सभी को देने के साथ ही इस पर अम्ल भी करें।

पटनाइक ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को दूर करने के अभियान से प्रेरित होने के बाद इस विषय का फैसला किया। पीएम मोदी ने अपने मन की बात रेडियो प्रसारण में सिंगल यूज़ वाले प्लास्टिक के खिलाफ अभियान का आगाज़ किया है, इसके साथ ही पीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर देश को अपने संबोधन में भी इस संबंध में साथ आने कहा था। सुदर्शन ने यह बताता कि उनकी इस कलाकृति का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण पर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना है।


सुदर्शन पटनायक ने कहा गणेश चतुर्थी के अवसर पर, मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करें। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश की 10 फीट ऊंची रेत की मूर्ति 5 टन रेत का उपयोग करके बनाई गई थी, जबकि इसके चारों ओर लगभग 1000 प्लास्टिक की बोतलें लगाई गई थीं।

सेंड आर्ट से जीते की आवार्ड
पटनायक ने बताया कि उन्होंने बोस्टन इंटरनेशनल सैंड आर्ट चैंपियनशिप 2019 में पीपल्स चॉइस अवार्ड जीता, जहाँ उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण के वैश्विक मुद्दे पर आधारित अपनी रेत की मूर्ति का प्रदर्शन किया। पद्म पुरस्कार विजेता ने दुनिया भर में 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रेत मूर्तिकला प्रतियोगिताओं और समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और देश के लिए कई पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अधिकांश कलाकृतियां समाज में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर आधारित है।