गिरीश कर्नाड : राष्ट्रपति पीएम समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

बिमारी के बाद बेंगलुरु के अस्पताल में गिरीश कर्नाड ने ली अंतिम सास

बेंगलुरु। ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता, बहुभाषी फिल्म अभिनेता और प्रसिद्ध रंगमंच व्यक्तित्व के धनी गिरीश कर्नाड का सोमवार को निधन हो गया। गिरीश वह 81 वर्ष के थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी को बताया, “कर्नाड का सुबह लगभग 8:30 बजे घर पर निधन हो गया, वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत तमाम दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

गिरीश कर्नाड ने सलमान खान की फिल्म ‘एक था टाइगर’ और ‘टाइगर जिंदा है’ में भी काम किया था। बॉलीवुड की उनकी अखिरी फिल्म टाइगर जिंदा है ही थी।

इस फिल्म में कर्नाड ने डॉ. शेनॉय का किरदार अदा किया था, जो की एक रॉ के टॉप लेवल अफ़सर हुआ करते है। गिरीश ने कन्नड़ फिल्म संस्कार (1970) से एक्टिंग और स्क्रीन राइटिंग कॅरियर शुरू किया था।

इसके लिए उन्हें कन्नड़ सिनेमा का पहला प्रेसिडेंट गोल्डन लोटस अवार्ड जीता था। बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म 1974 में आयी ‘जादू का शंख’ थी। इसके बाद फिल्म ‘निशांत’ (1975), ‘शिवाय’ और ‘चॉक एन डस्टर’ में भी काम किया था। गिरीश कर्नाड का जन्म 19 मई साल 1938 को महाराष्ट्र में हुआ था। साल 1958 में कर्नाटक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। इसके बाद एक रोड्स स्कॉलर के रूप में इंग्लैंड चले गए। साल 1970 में फिल्म ‘समस्कर’ से अपने फिल्मी करियर शुरू किया। पहली फिल्म में सफलता मिलने के बाद इन्होंने कई फिल्मों की पटकथा लिखी और उसका निर्माण किया।