विधानसभा के दरवाजे बंद मिलने पर नाराज राज्यपाल

उद्बोधन के लिए पहुंचे पर दरवाज़ा मिला बंद

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ सरकार और विधानसभा की व्यवस्था से ज़रा नाराज़ हो चल रहे है। दरअसल पूरा मसला राज्यपाल के प्रोटोकॉल और सम्मान से जुड़ा हुआ है। बंगाल विधानसभा में एक पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत उनका उद्बोधन कार्यक्रम तय था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने गवर्नर राज्य के विधानसभा भवन पहुंचे, पर उन्हें विधानसभा के दरवाजों पर ताला लटका मिला।

दरअसल विधानसभा में जब भी राज्यपाल सदन को संबोधित करने या अन्य विशेष मौकों पर पहुंचते है तो उनके लिए एक ख़ास दरवाज़ा और रास्ता निर्धारित है। सालों से ये परंपरा निभाई भी जा रही थी, पर गुरुवार को उस दरवाज़े पर ताला लटका हुआ था जिसे देख वे हैरान हुए। उसी दरवाज़े पर कुछ देर के इंतज़ार के बाद वे भड़क कर दूसरे गेट से विधानसभा के भीतर पहुंचे और कुछ देर रुक कर लौट आए।
राज्यपाल का यह दौरा विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के मंगलवार को सदन की कार्यवाही दो दिनों के लिए स्थगित किए जाने की अभूतपूर्व कार्रवाई के बाद हुआ है। बनर्जी ने कहा कि सदस्यों के सामने पेश किए जाने वाले विधेयकों को अभी तक धनकड़ की मंजूरी नहीं मिली है। विधानसभा की घोषणा के बाद राजभवन ने किसी भी प्रकार की देरी की बात को खारिज कर दिया और कहा कि लंबित विधेयक संबंधित विभाग से मिले अधूरे इनपुट या प्रतिक्रिया के कारण लंबित हैं। राज्यपाल ने इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि वे गुरुवार को विधानसभा आएंगे।