यहाँ है देश का पहला गार्बेज कैफे, कचरा देने पर मिलता है स्वादिष्ट खाना…

आधा किलो प्लास्टिक कचरा देने पर नाश्ता और एक किलों में मिलेगा खाना

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में देश के पहले गार्बेज कैफे का शुभारंभ बुधवार को प्रदेश के पंचायत ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ने किया। ये कैफे बस स्टैंड में खोला गया है। इस कैफे के पीछे लोगो को स्वच्छता के सन्देश देने के साथ उन्हें इसके लिए सहभागी बनाने की मंशा महापौर ने बताई है। अंबिकापुर के मेयर डॉ. अजय तिर्की की इस सोच से अंबिकापुर का नाम एक बार देश के उन चुनिंदा शहरों में शुमार हो चूका है जो स्वच्छता के लिए नित नए प्रयास कर रहे है।

इस कैफे की शुरुवात करने पहुंचे स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी यहाँ एक किलो का प्लास्टिक कचरा देकर यहाँ के व्यंजनों का स्वाद चखा। साथ ही इस अनूठी सोच और कल्पना के लिए उन्होंने मेयर तिर्की को बधाई और साधुवाद भी दिया। सिंहदेव ने कहा कि “अंबिकापुर नगर निगम की शानदार पहल #garbagecafe का उद्घाटन करने पर मुझे बहुत गर्व है, जो प्लास्टिक के बदले जरूरतमंदों को खिलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा की मुझे गर्व है कि प्लास्टिक के खिलाफ लड़ाई में अंबिकापुर सबसे आगे है, और मै भी इस शहर का एक नागरिक हूँ।” गौरतलब है कि अंबिकापुर कचरा प्रबंधन के लिए देश के स्मार्ट सिटीज में अपनी खासी पहचान बना चूका है। स्वच्छता सर्वेक्षण में कई दफे देश में अव्वल रहने के साथ ही अंबिकापुर में साढ़े चार सौ महिलाओं को कचरा प्रबंधन के रोजगार के लिए भी एक अलग पहचान मिली है। अंबिकापुर देशभर में हर कैटेगरी में दूसरा स्वच्छ शहर भी है।

आधा किलो में नाश्ता, एक किलों में मिलेगा खाना
इस गार्बेज कैफे में आधा किलो प्लास्टिक कचरा लाने पर गर्मा गरम नाश्ता और एक किलो प्लास्टिक कचरा लाने पर भरपेट और लज़ीज़ भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा यह कैफे केवल कचरा लाने वाले लोगों के लिए नहीं बल्कि शहर के हर वर्ग के नागरिकों के लिए भी है। इस कैफ़े में स्वच्छता के लिए प्रेरित करने वाले स्लोगन भी बड़े ही आकर्षक ढंग से लिखे है।