वुहान में अस्पताल निदेशक की कोरोना से मौत

कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले पहले अस्पताल प्रमुख

बीजिंग। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रकोप के केंद्र वुहान में वुचंग अस्पताल के निदेशक लियू झिमिंग का मंगलवार को संक्रमण के कारण निधन हो गया। स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने एक बयान में यह जानकारी दी। डेली मेल की रिपोर्ट की अनुसार, इस महीने की शुरुआत में वुहान में एक 34 वर्षीय डॉक्टर ली वेनलियांग की भी कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी।

चीन की राष्ट्र संचालित मीडिया ने मंगलवार को बताया कि प्रकोप को रोकने की कोशिश करते हुए मरने वाले डॉक्टरों और नर्सों को आधिकारिक तौर पर ‘शहीदों’ के रूप में नामित किया जाएगा।

लियू झिमिंग एक न्यूरो सर्जन थे, जो कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले पहले अस्पताल प्रमुख हैं। उनकी मृत्यु इस आलोचना को और भी हवा दे सकती है कि चीन सरकार ने बीमारी से लड़ रहे पहली पंक्ति के चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। डॉक्टर व अस्पताल कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में अतिरिक्त काम करना पड़ा रहा है।

चीनी स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कहा कि 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और झिंजियांग उत्पादन एवं निर्माण कोर से सोमवार को नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के 1,886 नए मामले सामने आए हैं और 98 मौत दर्ज की गई हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, नई मौतों में 93 हुबेई प्रांत में, तीन हेनान में और एक-एक हेबेई और हुनान में हुई हैं।

चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सूचना साझा की

चीन ने सोमवार को नए कोरोना वायरस निमोनिया के 44000 मामलों का विस्तृत डेटा जारी किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम घेब्रेयसस ने उसी दिन जिनेवा में कहा कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा रोकथाम और नियंत्रण का सुझाव पेश करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि नए कोरोना वायरस निमोनिया के 80 प्रतिशत से अधिक मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। करीब 14 प्रतिशत मरीजों को निमोनिया और सांस की तकलीफ जैसे रोग लक्षण हैं और करीब पांच प्रतिशत मरीज सांस कमजोर होने, शॉक और अधिक इंद्रियों के रुक जाने से पीड़ित होते हैं। अन्य करीब दो प्रतिशत मरीजों की मौत होती है। मौत होने का खतरा आयु के अधिक होने के साथ बढ़ता है।

ट्रेडोस ने कहा कि इन डेटा से नए कोरोना वायरस से जुड़ी कुछ शंकाओं को दूर किया गया, लेकिन फिर भी कुछ सवाल मौजूद हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ दल चीनी विशेषज्ञों के साथ सहयोग कर रहे हैं, ताकि इन सवालों के जवाब मिल सकें। (आईएएनएस)