आईसीसी क्रिकेट विश्व कप मे भारत को मिली दो बार जीत

कपिलदेव और महेन्द्र सिंह धोनी रहे वर्ल्ड कप के हिरो

रायपुर| क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत 1975 में हुई थी और 2015 का विश्व कप जोड़कर अभी तक 11 विश्व कप हो चुके है, जिसमें पहला 1975 में इंग्लैंड में खेला गया। जिसमें वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने 17 रनों से फाइनल मैच जीता था। पहले तीन क्रिकेट विश्व कप का आयोजनकर्ता इंग्लैंड रहा है और तीनों मैचों के फाइनल मैच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड ,लंदन में खेला गया था।
अभी तक हुए 11 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने अकेले 5 विश्व कप के फाइनल मैच जीते है जबकि भारत और वेस्टइंडीज ने 2-2 तथा श्रीलंका और पाकिस्तान ने 1-1 फाइनल जीता।

भारत का विष्व कप में स्कोर
भारतीय क्रिकेट टीम दो बार क्रिकेट विश्व कप में विजेता रह चूका है। जिसमें पहली बार कपिल देव की कप्तानी में 1983 क्रिकेट विश्व कप तथा दूसरी बार 2011 के क्रिकेट विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीत मिली। इनके अलावा भारत 2003 क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता रहा। 1987,1996 तथा 2015 में सेमीफाइनल में भारत पहुंचा। इनके अलावा 1999 क्रिकेट विश्व कप में सुपर सिक्स में भारत का स्थान रहा। चार बार 1975, 1979, 1993 और 2007 में भारत नॉकआउट में पहुंचा था। 2015 क्रिकेट विश्व कप के अनुसार भारत ने विश्व कप में 46 मैच जीते है। जबकि 27 मैचों में हार मिली है और एक मैच टाई रहा है तथा कुछ मैच बारिश के कारण बिना परिणाम के भी रहे है।

कपिल ने लिया पहला क्रिकेट विश्व कप
1983 का क्रिकेट विश्व कप भारत के लिए बहुत अच्छा रहा, क्योंकि इसमें भारतीय क्रिकेट टीम को जीत मिली थी। यह विश्व कप भी इंग्लैंड में ही आयोजित किया गया। इस बार टीम के कप्तान कपिल देव को चुना गया। टीम के मुख्य बल्लेबाजों में सुनील गावस्कर ,गुंडप्पा विश्वनाथ ,कृष्णम्माचारी श्रीकांत दिलीप वेंगसरकर जैसे बल्लेबाज थे। कप्तान कपिल देव ने एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाई थी। भारत का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ मैनचेस्टर में खेला गया जिसमें भारत ने बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 262 रन बनाए थे। जवाब में विंडीज 228 रनों पर सिमट गई थी। 1983 क्रिकेट विश्व कप का फाइनल मैच भारत और वेस्टइंडीज के बीच 25 जून 1983 को लॉर्ड्स में खेला गया जिसमें भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 183 रनों पर 55वें ओवर में ऑलआउट हो गई थी। जवाब में विंडीज 140 रन पर सिमट गई और भारत विजेता बन गया था।

भारत दुसरी बार बना विजेता
2011 का क्रिकेट विश्व कप भारतीय क्रिकेट टीम के किये काफी अच्छा रहा था क्योंकि इसमें भारत को फाइनल मैच में जीत मिली थी। इस विश्व कप में भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे, जबकि प्रमुख बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर ,वीरेंद्र सहवाग ,युवराज सिंह ,विराट कोहली तथा गौतम गंभीर थे। जबकि गेंदबाजों में जहीर खान ,हरभजन सिंह ,आशीष नेहरा तथा रविचंद्रन अश्विन थे। 2011 में भारत ने ग्रुप के मैच जीतने के बाद सेमीफाइनल मैच पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ खेला। जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 260 रन बनाए जवाब में पाकिस्तान 231 रन पर एक गेंद शेष रहते सिमट गई। फाइनल मैच भारतीय क्रिकेट टीम और श्रीलंका क्रिकेट टीम के बीच मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम पर 02 अप्रैल 2011 को खेला गया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 6 विकेट पर 274 रन जिसमें महेला जयवर्धने ने नाबाद 103 रनों की पारी खेली थी। भारत की ओर से जहीर खान ने 60 रन देकर 2विकेट लिए। 275 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और जल्दी – जल्दी 31 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए थे। बाद में गौतम गंभीर के 97 और महेंद्र सिंह धोनी के 91 रनों की शानदार पारियों से भारत ने छक्के से मैच जीत लिया।