आसमान से कलाई में बंधी घड़ी का समय बता सकता है इसका कैमरा

इसरो की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कार्टोसैट-3 लांच

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार से महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कार्टोसैट-3 (Cartosat-3) और 13 नैनो-उपग्रह (13 Nano-Satellites) ले जाने वाले पीएसएलवी-सी47 (PSLV-C47) को लॉन्च कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएसएलवी-सी47 की यह 49वीं उड़ान है जो कार्टोसैट-3 के साथ अमेरिका के वाणिज्यिक उद्देश्य वाले 13 नैनो-उपग्रह (13 Nano-Satellites) को लेकर अंतरिक्ष में लेकर रवाना हुआ है। कार्टोसैट-3 (Cartosat-3) का कैमरा ऐसा है कि यह अंतरिक्ष से जमीन पर 9.84 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीर ले सकता है। यानी इसकी मदद से हाथ की घड़ी तक का टाईम देखा जा सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक इसके कैमरे से बेहद बारीक चीजों को आसानी से स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। रक्षा विशेषज्ञों का बड़ा दावा रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि किसी भी देश ने अभी तक इतनी सटीकता वाला सैटेलाइट कैमरा अंतरिक्ष में लॉन्च नहीं किया है। रक्षा विशेषज्ञों की माने तो यूएस की प्राइवेट स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ले सकता है।

भारत और अमेरिका के 14 उपग्रहों वाले भारी-भरकम रॉकेट PSLV-C47 आज सुबह आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा गया। इसके साथ, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 300 से अधिक विदेशी उपग्रहों को लॉन्च करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। कार्टोसैट -3 एक फुर्तीला उपग्रह है जो पृथ्वी की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें ले सकता है। इसरो ने कहा कि इसे पृथ्वी से 509 किमी की दूरी पर रखा गया है। कार्टोसैट -3 का मिशन जीवन पांच साल है। इसरो ने अपनी वेबसाइट पर कहा, इस कार्गो में अमेरिका के 13 वाणिज्यिक नैनोसैटलाइट्स शामिल हैं, जिन्हें स्पेस एजेंसी ने न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौते के तहत लॉन्च करने पर सहमति जताई थी। इसरो के अनुसार, सभी 13 नैनोसेटलाइट को भी कक्षा में रखा गया था।

इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने कंट्रोल रूम के अंदर अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों के बीच बैठकर रॉकेट की उड़ान की निगरानी की। श्री सिवन ने कहा कि “मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि पीएसएलवी-सी 47 ने कार्टोसैट -3 और 13 ग्राहक उपग्रहों को 509 किलोमीटर की वांछित कक्षा में सफलतापूर्वक इंजेक्ट किया गया है”।