जम्मू-कश्मीर : फोन इंटरनेट सेवा शुरू, नमाज़ के लिए भी दी गई छूट

जम्मू कश्मीर में आहिस्ते आहिस्ते बहाल हो रही है सुविधाएं

नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर में पांच दिनों के सिक्युरिटी लॉकडाउन के बाद अब फोन सेवाओं और इंटरनेट को आज आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। इसके आलावा शुक्रवार की नमाज की सुविधा के लिए भी 144 में छूट दी गई है। विशेष दर्जे को समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदलने के केंद्र के फैसले के बाद किसी भी परेशानी के लिए हजारों सुरक्षाकर्मी कश्मीर घाटी में तैनात हैं। इसके साथ ही पुरे जम्मू कश्मीर में धारा 144 लागु किया गया है। ताकि शान्ति व्यवस्था कायम रहे।

इधर श्रीनगर में जामा मस्जिद के दरवाज़े आज बंद रहे, लिहाज़ा शहर की मुख्य मस्जिद में होने के बावजूद वहा नमाज नहीं अदा की गई। हालाँकि अधिकारियों ने बताया कि शहर के बाकी मस्जिदों में नमाज पढ़ने लोग पहुंचे। राज्य के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने समाचार एजेंसी को बताया, “लोगों को अपने नज़दीक के मस्जिदों में जाने की अनुमति दी गई इस पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है, लेकिन उन्हें अपने स्थानीय क्षेत्र से उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए।”

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने स्थिति की समीक्षा कर आश्वासन दिया कि था के जुमे की नमाज़ और बक़रीद के लिए प्रतिबंधों को शिथिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने कश्मीर के फैसलों पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सोमवार को ईद-उल-अजहा के दौरान लोगों को किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

पीएम मोदी ने कहा, “सरकार जम्मू और कश्मीर से बाहर रहने वाले हमारे दोस्तों को हर संभव मदद मुहैया करा रही है और ईद के लिए भी सुविधाएं दी जा रही है। संचार टूटने के कारण, देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले राज्य के लोग अपने परिवारों से संपर्क करने में सक्षम नहीं थे। जिसकी तकलीफों को भी पीएम मोदी ने स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, “धारा 370 से मुक्ति एक वास्तविकता है। लेकिन एक और वास्तविकता यह है कि एहतियाती उपायों (सरकार द्वारा उठाए गए) के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है। वे भी इसका सामना कर रहे है।” कश्मीर घाटी में कर्फ्यू जैसी पाबंदी के बावजूद, कई कश्मीरी अपने परिवारों के साथ ईद मनाने के लिए श्रीनगर के लिए उड़ान भर रहे हैं।