झारखंड चुनाव : झरिया में देवरानी-जेठानी के बीच मुकाबला दिलचस्प

धनबाद की झरिया विधानसभा सीट पर परिवार ही आमने सामने

रांची (आईएएनएस)| झारखंड में चल रहे विधानसभा चुनाव में कोयला नगरी झरिया में इस बार देवरानी और जेठानी के बीच दिलचस्प मुकाबला है। यूं तो यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है, मगर सही मायने में मुकाबला एक ही परिवार की दो सदस्यों के बीच है।

धनबाद की झरिया विधानसभा सीट पर बाहुबली सूर्यदेव सिंह के ‘सिंह मेंशन’ का वर्चस्व रहा है। वर्तमान में भाजपा के टिकट पर संजीव सिंह यहां के विधायक हैं। संजीव अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। भाजपा ने उनकी पत्नी रागिनी सिंह को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को मैदान में उतारा है। यानी, इस चुनावी समर में देवरानी और जेठानी आमने-सामने हैं या यह भी कहा जा सकता है कि ये दोनों घर का झगड़ा सार्वजनिक रूप से लड़ रही हैं।

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में जहां बतौर भाजपा प्रत्याशी संजीव सिंह ने चुनावी मैदान में कांग्रेस प्रत्याशी नीरज सिंह को 34 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। नीरज और संजीव दोनों कोयलांचल के बाहुबली परिवारों से रिश्ते में चचेरे भाई थे। बाद में नीरज सिंह की हत्या कर दी गई।
दिवंगत नीरज सिंह की पत्नी और कांग्रेस उम्मीदवार पूर्णिमा सिंह ने कहा, “हम बुनियादी मुद्दों पर मतदाताओं से वोट की अपील कर रहे हैं। पिछले नौ दशकों से चली आ रही पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करना हमारा लक्ष्य है।” उन्होंने जनता से मतदान के दिन घरों से निकल कर वोट डालने की अपील की है। उन्होंने कहा, “जनता अपने घरों से बाहर निकले और सही प्रतिनिधि का चुनाव करे।”

पुनर्वास है बड़ी समस्या
देखा जाए तो इस सीट पर कुल 17 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ बातचीत के बाद भी इन्हीं दो पार्टियों में लोग बंटे नजर आ रहे हैं। झरिया के रहने वाले छात्र गौरव सिंह कहते हैं, “पुनर्वास की समस्या यहां मुख्य समस्या है, जिसका हल होना जरूरी है। जमीन के भीतर से कोयला निकल जाने के बाद क्षेत्र के खाली करने का आदेश तो दे दिया जाता है, मगर पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की जाती।”