CM योगी से मिला कमलेश का परिवार, और होटल में बरामद हुए कुर्ते

कमलेश के बेटे सत्यम तिवारी ने रखी एनआईए से जांच की मांग

लखनऊ। यूपी के राजनेता रहे कमलेश तिवारी के परिवार ने आज दोपहर करीब 30 मिनट तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। बैठक के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, पीड़ित की पत्नी किरण तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि न्याय किया जाएगा। “हमने हत्यारों के लिए मृत्युदंड की मांग की। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उन्हें दंडित किया जाएगा”।

कमलेश तिवारी की मां और बेटे ने उनकी मौत की जांच के खिलाफ बात की थी। कमलेश की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को एक स्थानीय राजनेता ने जमीन विवाद में उसकी हत्या कर दी। वहीं कमलेश के बेटे सत्यम तिवारी ने कहा कि परिवार ने राज्य प्रशासन पर भरोसा नहीं किया और मामले को एनआईए को सौंपने की गुज़ारिश की है। “हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी मामले की जांच करे। हमें किसी पर भरोसा नहीं है। मेरे पिता को मार दिया गया था, हालांकि उनके पास सुरक्षा गार्ड थे। हम प्रशासन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? ” 45 वर्षीय कमलेश तिवारी को सशस्त्र सुरक्षा – दो गनर और एक गार्ड – एक स्थानीय पुलिस स्टेशन द्वारा प्रदान किया गया था। उनकी हत्या के दिन, बंदूकधारी अनुपस्थित थे। पुलिस ने कहा कि गार्ड ने संदिग्धों को गेट पर रोक दिया और जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया था।

पुलिस को मिले खून से सने कुर्ते
उत्तरप्रदेश पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है। यूपी पुलिस की SIT ने जांच को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ के एक होटल के कमरे में रविवार को तलाशी ली है। तलाशी के दौरान होटल के कमरे से एक लवारिस बैग और खून से सना भगवा रंग का कुर्ता भी मिला है। यूपी पुलिस ने इस कमरे से मिले सामान को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है, और फ़िलहाल कमरे सील कर दिया है।

अखिलेश ने साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपराध के अनुकूल माहौल बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की है। हालाँकि इस मुलाकात पर उन्होंने बहुत ज़्यादा न बोलते हुए मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश में ऐसी कई घटनाएं हुई है, अन्य परिवारों में भी दुख है ऐसे में उन्हें उनसे भी मिलना चाहिए। अखिलेश ने कहा “यह राज्य की राजधानी में पीड़ितों के शोक संतप्त परिवार से मिलने के लिए एक उचित कदम है। आशा है कि मुख्यमंत्री इलाहाबाद, कन्नौज, झांसी और मेरठ भी जाएंगे, जहां राज्य के बिगड़ती कानून व्यवस्था के अन्य पीड़ितों के परिवार भी मौजूद हैं।”