केरल बाढ़ : भारतीय नौसेना ने बचाई 3375 जान, वायु सेना भी तैनात

केरल बाढ़ में नौसेना और वायु सेना ने तेज़ किया बचाव कार्य

कोच्चि। बाढ़ प्रभावित केरल के ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सों में बचाव कार्य तेज़ किए जा रहे है। भारतीय नौसेना ने अपने ऑपरेशन को भीतरी इलाकों की तरफ़ और बढ़ा दिया गया है।
दक्षिणी नौसेना कमान (एसएनसी) बचाव दलों को भारतीय नौसेना के पूर्वी और पश्चिमी नौसेना के दोनों समुदायों से जेमिनी बोट्स, गोताखोरों और अन्य संसाधनों को भी बढ़ाया गया है। इस बीच केरल के कोच्चि शहर में नौसेना एयर स्टेशन आईएनएस गरुड़ में नौसेना एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच), चेतक हेलीकॉप्टर और नेवल सागर किंग हेलीकॉप्टर बोर्ड पर राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है। 18 अगस्त को ” ऑपरेशन-हेल्प ” के दसवें दिन, तैनात डाइविंग टीमों की कुल संख्या 72 है, जो कई स्थानों पर बचाव कार्य में लगी हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य बढ़ाने के लिए आठ नई को प्रभावित स्थानों पर भेजा गया था।

केरल बाढ़

नौसेना ने बचाई 3375 लोगो की जान
एर्नाकुलम जिले में सिंगल जेमिनी बोट वाली 42 टीमों को प्रत्येक टापू नुमा स्थानों में तैनात किया गया है। एक टीम पिशाला द्वीप में है, एक एडापली में, पेरुंबवूर में तीन, उत्तर परवुर में 16, अलुवा में 14, मुवात्तुपुझा में चार और कदंगल्लूर में दो। वहीं त्रिशूर जिले के चालककुडी में भी 10 टीमें बढ़ा दी गई है, जबकि पठानमथिट्टा जिले में चेंगन्नूर में 10 टीमें तैनात की गई हैं। अयूर और पुलाद में भी राहत कार्य के लिए बचाव दल तैनात है। इधर वायनाड जिले में हालत सुधरने के बाद राहत कार्यों में लगी टीमों को हटाया गया है। वर्तमान में पोरुनन्नूर में बोट के साथ दो नौसेना दल तैनात किए गए हैं। अब तक बचाव दल ने बोटों और दीगर संसाधनों से 3375 से अधिक लोगों को बचाने में सफ़ल हुए है।

बाढ़ केरल

वायु सेना पंहुचा रहा राहत सामग्री
आईएनएस गरुड़ में उपलब्ध सभी हवाई संपत्तियों का व्यापक रूप से फंसे हुए लोगो को निकालने का काम कर रही है। साथ ही दुकानों, नौकाओं, राहत सामग्री आदि को पहुंचने का काम कर रहा है। इसके साथ ही त्रिशूर, एर्नाकुलम और पठानमथिट्टा जैसे तीन सबसे खराब हलात वाले जिलों के विभिन्न स्थानों पर एयर फ़ोर्स बचाव कार्य कर रहा है। एएलएच, सागर किंग, चेतक और एमआई 17 (आईएएफ) सहित कई विमान अब तक 154 से अधिक लोगों को बचाने में सक्षम थे। बोतलबंद पानी के साथ खाद्य पैकेट भी विभिन्न घरों / चर्चों की छत पर उतार दिए गए थे।

स्क्वाड्रन लीडर वी जोशी ने एएनआई को बताया

“स्थिति काफी खराब है। हम लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अभी हम उन्हें भोजन और पानी दे रहे हैं ताकि पानी कम होने तक कम से कम जीवित रह सकें।”

सीयूएसएटी में बना कैंप
कोचीन विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी (सीयूएसएटी) के परिसर में आईएनएस वेंडरुट्टी द्वारा कैंप लगाया गया है। जिसमें तक़रीबन 7000 लोगों के खानपान की व्यवस्था की जा रही है। यहाँ 17 कुक, चार अधिकारी और 13 कर्मचारी लगातार भोजन और चाय के अलाव ज़रूरतमंदों को करने के लिए काम कर रहे हैं। केरल सरकार के अधिकारियों ने इस रसोई में भी योगदान दिया है, जो इसके सुचारू कामकाज के लिए मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों को उपलब्ध करा रहा है।