कुलदीप सेंगर नाबालिग से रेप और अपहरण केस में दोषी करार

उन्नाव रेप केस में 19 दिसंबर को सजा का ऐलान

नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आज भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर को दोषी करार दिया है। तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को धारा 120बी, 363, 366, 376 और पॉक्सो के तहत दोषी ठहराया है। 19 दिसंबर को कुलदीप सेंगर की सजा पर बहस होगी। घटना के करीब ढाई साल बाद तीस हजारी कोर्ट में बीते मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई थी।
साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को भी फटकार लगाई है। कोर्ट का कहना है कि चार्ज शीट दाखिल करने में एक साल का समय क्यों लगा। तीस हजारी कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। भाजपा से निष्कासित सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग लड़की को अगवा कर गैंगरेप किया था। लगभग 2.5 साल के घटनाक्रमों के चलते पीड़ित एम्स में भर्ती है। उसके पिता-चाची-मौसी की मौत हो चुकी है, जबकि चाचा जेल में हैं।
कोर्ट ने शशि सिंह को बरी किया तीस हजारी कोर्ट ने शशि सिंह की मामले में भूमिका को संदेह के घेरे में रखा है। तीस हजारी कोर्ट ने शशि सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने और न ही मामले में सीधे तौर पर भूमिका स्पष्ट होने के चलते मामले से बरी कर दिया है। अभी एक ही मामले में फैसला उन्नाव रेप मामले केस में कुल 5 एफआईआर दर्ज हैं। जिसमें से एक पर कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। बाकी पर अभी भी सुनवाई इसी कोर्ट में चल रही है, जिसमें पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में हुई मौत, सड़क दुर्घटना में उसके परिवार से मारे गई दो महिला और पीड़िता के साथ किए गए गैंगरेप और उसके चाचा के खिलाफ कथित रूप से झूठा मामले दर्ज करने से जुड़े मामले शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस लखनऊ से दिल्ली कोर्ट ट्रांसफर हुआ था। इसके बाद 5 अगस्त से रोजाना बंद कमरे में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के 9 गवाहों से जिरह हुई। पीड़ित का बयान दर्ज करने के लिए एम्स में स्पेशल कोर्ट बनाया गया था।