लोकसभा शीतसत्र : धान खरीद पर कांग्रेस का स्थगन नोटिस

राज्यसभा में छत्तीसगढ़ से सांसद छाया वर्मा ने दी नोटिस

नई दिल्ली। आज कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में केंद्रीय पूल के अनुसार धान की खरीद के मुद्दे पर स्थगन नोटिस दिया है। स्थगन नोटिस लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दिया। उधर वहीं केंद्रीय पूल से धान की खरीद को लेकर ही छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सांसद छाया वर्मा ने राज्यसभा में नोटिस दिया है। छत्तीसगढ़ में धान की खरीद के मुद्दे पर प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार और केंद्र सरकार में विवाद चल रहा है। जहां राज्य सरकार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और केंद्रीय पूल में राज्य कोटा बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं केंद्र ने कथित रूप से छत्तीसगढ़ की मांग को बहुत ज्यादा बताते हुए खारिज कर दिया है।

राज्य की कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए किसानों को धान पर प्रति क्विंटल 2,500 रुपये का भुगतान कर रही है, जो केंद्र द्वारा तय एमएसपी से 750 रुपये ज्यादा है। परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ सरकार को सरकारी कोष से भारी मात्रा में धन देना पड़ रहा है। खरीफ विपणन सीजन 2018-19 में राज्य सरकार ने लगभग 82 लाख टन धान खरीदा। उच्च खरीद मूल्य के कारण उत्पादन में बढ़त की उम्मीद को देखते हुए वर्तमान मौसम में उसने 87 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, बघेल ने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। केंद्र ने हालांकि राज्य का कोटा बढ़ाने से इंकार कर दिया।

सीएम भूपेश ने कल पीएम को लिखा था पत्र
ज्ञात हो कि सीएम भूपेश बघेल ने पीएम को दूसरी बार इस संबंध में पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में छत्तीसगढ़ में 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर धान उपार्जन करने और 32 लाख मेट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लेने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि यदि भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं की जाती है, तो राज्य को वर्ष 2017 और वर्ष 2018 की भांति ही उपार्जन के एम.ओ.यू. की शर्तों में शिथिलता प्रदान की जाए ताकि राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का समूचित मूल्य दिलाया जा सके। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के इस अत्यावश्यक आर्थिक विषय पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से शीघ्र अतिशीघ्र मिलने हेतु समय प्रदान करने का भी पुनः अनुरोध किया है।