देश के 12 राज्यों में ये हैं हाई प्रोफ़ाइल सीट

बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर

नई दिल्ली / रायपुर। 17 वें लोकसभा चुनाव का मतदान पूरे देश में 7 चरणों में किया जाना है। 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हो चुका है। गुरुवार को दूसरे चरण का मतदान जारी है। दूसरे चरण के मतदान में देश के 1 केंद्र शासित प्रदेश सहित 12 राज्यों के 95 सीटों पर मतदान किया जा रहा है।

गुरुवार को हो रहे मतदान में बिहार,छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश ,असम, जम्मू-कश्मीर,कर्नाटक, मणिपुर, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, ओडीशा, महाराष्ट्र, पुदुचेरी और तमिलनाडु में मतदाता अपने केंद्र तक पहुंच कर मतदान कर रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के लिए भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों में भारी सुरक्षा बल लगाया है ,ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो सके। छत्तीसगढ़ की बात करें तो राजनांदगांव, कांकेर और महासमुंद तीनो लोक सभा क्षेत्र नक्सली क्षेत्र से अछूता नहीं है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्र में दोपहर 3 बजे तक मतदान किया जाना है और अन्य क्षेत्र में 5 बजे तक मतदान किया जाएगा।

कद्दावर नेताओ की किस्मत होगी कैद

दूसरे चरण के होने वाले मतदान में कई वरिष्ठ नेताओं की किस्मत दांव पर लगी हुई है। ओडिशा के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी।

वहीं वोट डालने जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला, तमिलनाडु में केंद्रीय मंत्री सीतारमण, कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, द्रमुक के दयानिधि मारन, ए राजा और कनिमोई मतदान केंद्र पहुंचे ।

केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव, सदानंद गौड़ा और पी राधाकृष्णन उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं जिनके भाग्य का फैसला दूसरे चरण में हो रहा है। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ,कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली, राज बब्बर और भाजपा नेता हेमा मालिनी इनकी किस्मत भी ईवीएम में आज कैद होना है।

दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर

छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के मतदान में तीन लोकसभा क्षेत्र के राजनांदगांव,कांकेर और महासमुंद में मतदान जारी है। दोपहर 12 बजे तक इन तीनों क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 42.8 रहा। सुबह से ही इन क्षेत्रों में मतदाताओं का रुझान काफी देखा गया। मतदाता तपती धूप और गर्मी को सहते हुए मतदान केंद्र तक पहुंच रहे हैं।

इन तीनों क्षेत्र में ही राजनीतिक भूचाल काफी है,क्योंकि इन सभी सीटों पर कांटे की टक्कर मानी जा रही है। राजनांदगांव में भाजपा से संतोष पांडे और कांग्रेस से भोलाराम साहू प्रत्याशी हैं । कांकेर में भाजपा के मोहन मंडावी और कांग्रेस के बीरेश ठाकुर पर दाव खेला जा रहा है । वही महासमुंद में चुन्नीलाल साहू भाजपा से और धनेंद्र साहू कांग्रेस से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यह तीनों ही सीट हाई प्रोफाइल माना जा रहा है। राजनांदगांव में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह विधयक है, इसलिए इस सीट को काफी तवज्जो दिया जा रहा है। इसमें भी जाति का फेक्टर सामने दिखाई दे रहा है।

वहीं कांकेर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के चलते यह सीट हाईप्रोफाइल मानी जा रही है,और इसमें भी जातिगत समीकरण नजर आता दिखाई दे रहा है। वहीं कमोबेश स्थिति महासमुंद की है जहां कांग्रेस ने अपने वर्तमान विधायक धनेंद्र साहू को मैदान में उतारा है तो वहीं भाजपा ने भी साहू लॉबी से ही चुन्नीलाल साहू को चुनावी दंगल में उतार दिया है। महासमुंद में साहू फैक्टर सबसे तेज है। इसी तरह माना जाए तो इन तीनों ही सीट पर जातिगत समीकरण का विशेष महत्व दिखाई दे रहा है।