सोनिया-राहुल से मिले महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता, छलका दर्द…

मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से खफ़ा लोगो ने बताई पीड़ा

 

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस के मंत्रियों ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मंगलवार को यहां मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर आलाकमान के सामने सीनियर लीडर्स का दर्द छलका। इतना ही नहीं प्रदेश कांग्रेस के भीतर असंतोष की बात भी सामने आई है।

मुलाकात करने पहुंचे कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में उनकी अनदेखी की गई है। दो बार के विधायक मुंबई के अमीन पटेल कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनसे जूनियर विधायकों असलम शेख और वर्षा गायकवाड को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, और उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को अपनी नाराजगी से अवगत कराया है। सूत्रों ने बताया कि विधानसभा चुनाव में चौथे स्थान पर रही कांग्रेस अब वरिष्ठ नेताओं को पार्टी में पद और संगठनात्मक जिम्मेदारी देने की योजना बना रही है।

इधर इसके इतर पार्टी के बड़े नेता ने कहा कि बैठक का उद्देश्य राज्य में पार्टी की पहुंच बढ़ाने के कार्यक्रम पर चर्चा करना था और गठबंधन पर फीडबैक देना था। वहीं एक मंत्री ने कहा कि यह बैठक पार्टी अध्यक्ष को धन्यवाद देने और राज्य में आगे कैसे काम किया जाए, इस पर शीर्ष नेतृत्व से निर्देश लेने के लिए थी।

अब संगठन से भरपाई की तैयारी
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल में कांग्रेस को 12 सीटें मिली है और वे कुछ प्रमुख विभागों पर नजर बनाए हुए हैं। पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष भी चुनना है, क्योंकि बालासाहेब थोरात मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष के लिए सबसे आगे चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को अब पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार चल रहा है। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण अब मंत्रिमंडल में शामिल हो गए है। इस मुलाकात में बालासाहेब थोरात और अशोक चव्हाण सहित शपथ ग्रहण करने वाले वरिष्ठ मंत्रियों ने भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व भी शामिल था। मंत्रियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल और पार्टी सचिव आशीष दुआ भी थे।