उद्धव पर “महाराष्ट्र का विश्वास…”फ्लोर टेस्ट में पास…

उद्धव सरकार को निर्दलीय और बसपा का भी मिला समर्थन

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विश्वास मत हासिल कर लिया। शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के महागठबंधन को कुल 169 वोट प्राप्त हुए। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा से वॉकआउट किया, जिससे महागठबंधन के विरुद्ध पड़ने वाले वोट शून्य रहे। इसके अलावा कुल चार विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों के साथ फ्लोर टेस्ट के लिए मतदान से ठीक पहले ही वॉकआउट कर चल दिए। भाजपा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिलीप वालसे पाटिल को अस्थायी स्पीकर चुने जाने का विरोध कर रही थी। पाटिल ने भाजपा के कालिदास कोलम्बकर की जगह प्रो-टेम्पल स्पीकर लिया था और रविवार को एक स्थायी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। ठाकरे ने विश्वास मत जीतने के बाद कहा, “सदन में आने से पहले कुछ दबाव था, क्योंकि मुझे सदन में काम करने का अनुभव नहीं था, लेकिन केवल मैं ही यहां आकर सौभाग्यशाली महसूस करता हूं।”

59 वर्षीय उद्धव ठाकरे, शिवसेना, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के गठबंधन के प्रमुख है, जिन्हें महा विकास अघडी के नाम से भी जाना जा रहा है। इस गठबंधन की सरकार ने 169 वोटों के साथ जीत हासिल की है, जिसमें महाराष्ट्र विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 288 है। तीनों दलों के एक साथ 154 विधायक हैं। कुछ निर्दलीय और अन्य जैसे बहुजन विकास अघडी ने भी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन किया।