मन की बात : राम मंदिर पर फैसले से पहले पीएम ने कहीं ये बात

मन की बात में सरदार पटेल और इंदिरा गांधी को किया याद

नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों से मन की बात की। जिसमें उन्होंने देश की जनता को दीपावली की शुभकामनाओं के साथ सम्बोधित किया। दीपोतस्व की बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज दीपावली का पावन पर्व है। आप सबको दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं। आजकल दुनिया के अनेक देशों में दिवाली मनायी जाती है। इसमें सिर्फ भारतीय समुदाय शामिल होता है, ऐसा नहीं है बल्कि अब कई देशों की सरकारें, वहां के नागरिक दिवाली को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। एक प्रकार से वहां ‘भारत’ खड़ा कर देते है। उन्होंने कहा कि साथियो, दुनिया में festival tourism का अपना ही आकर्षण है। हमारा भारत, जो country of festivals है, उसमें #FestivalTourism की भी अपार संभावनाएं हैं। हमारा प्रयास होना चाहिये कि हम त्योहारों का प्रसार करें।

Man Ki Baat 47

उन्होंने कहा कि #BharatKiLaxmi की ऐसी अनेक कहानियां लोगों ने share की हैं। आप जरुर पढ़िये, प्रेरणा लीजिये और खुद भी ऐसा ही कुछ अपने आस-पास से share कीजिये और मेरा, भारत की इन सभी लक्ष्मियों को आदरपूर्वक नमन है। 12 नवंबर को दुनिया भर में गुरुनानक देव जी का 550वाँ प्रकाश उत्सव मनाया जाएगा। #GuruNanak देव जी का प्रभाव भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व मे है। गुरुनानकदेव जी मानते थे कि निस्वार्थ भाव से किए गए सेवा कार्य की कोई क़ीमत नहीं हो सकती। अभी कुछ दिन पहले ही, करीब 85 देशों के राजदूत, दिल्ली से अमृतसर गये थे। वहां राजदूतों ने Golden Temple के दर्शन तो किये ही, उन्हें, सिख परम्परा और संस्कृति के बारे में भी जानने का अवसर मिला। इसके बाद कई राजदूतों ने Social Media पर वहां की तस्वीरें साझा की।

सरदार पटेल और इंदिरा गांधी को किया याद
पीएम मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में सरदार पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि 31 अक्तूबर की तारीख आप सबको याद होगी। भारत के लौह पुरुष सरदार पटेल की जन्म जयंती का है जो देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले महानायक थे। सरदार साहब की कार्यशैली के विषय में जब पढ़ते हैं, सुनते हैं, तो पता चलता है कि उनकी planning कितनी जबरदस्त होती थी। सरदार पटेल बारीक-से-बारीक चीजें को भी बहुत गहराई से देखते थे, परखते थे। सही मायने में , वे ‘Man of detail’ थे। सरदार साहब की कार्यशैली के विषय में जब पढ़ते हैं, सुनते हैं, तो पता चलता है कि उनकी planning कितनी जबरदस्त होती थी। 31 अक्टूबर, हमारे देश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा जी की हत्या भी उस दिन हुई थी। देश को एक बहुत बड़ा सदमा लगा था। मैं आज उनको भी श्रद्धांजलि देता हूं।

राम मंदिर के फैसले का किया जिक्र
PM मोदी ने कहा कि सितम्बर 2010 में जब राम जन्मभूमि पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जरा उन दिनों को याद कीजिये। भांति-भांति के कितने लोग मैदान में आ गये थे।कैसे-कैसे Interest Groups उस परिस्थितियों का अपने-अपने तरीके से फ़ायदा उठाने के लिए खेल रहे थे। कुछ बयानबाजों ने, बड़बोलों ने सिर्फ और सिर्फ खुद को चमकाने के इरादे से न जाने क्या-क्या बोल दिया था, हमें सब याद है। लेकिन ये सब, पांच दिन, सात दिन, दस दिन, चलता रहा, लेकिन, जैसा ही फैसला आया, एक आनंददायक, आश्चर्यजनक बदलाव देश ने महसूस किया। एक तरफ़ दो हफ़्ते तक गर्माहट के लिए सब कुछ हुआ था, लेकिन, जब राम जन्मभूमि पर फैसला आया तब सरकार ने, राजनैतिक दलों ने, सामाजिक संगठनों ने, civil society ने, सभी सम्प्रदायों के प्रतिनिधियों ने, साधु-संतों ने बहुत ही संतुलित और संयमित बयान दिए। मुझे वो दिन बराबर याद है। जब भी उस दिन को याद करता हूं मन को खुशी होती है। न्यायपालिका की गरिमा को बहुत ही गौरवपूर्ण रूप से सम्मान दिया और कहीं पर भी गर्माहट का, तनाव का माहौल नहीं बनने दिया। एकता का स्वर, देश को, कितनी बड़ी ताकत देता है उसका यह उदाहरण है।