बिहार में मोदी : अब के मतदान विपक्ष की हार और एनडीए के जीत तय करेगी

बिहार में पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

बिहार। बिहार के मुज़फ़्फ़र नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी सभा करने पहुंचे। जहाँ उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। मोदी ने सभा में मतदान के चार चरण पुरे होने के बाद सभी का आभार जताया, वहीं पांचवे चरण में मतदाताओं से मतदान करने की अपील की।

बिहार में नरेंद्र मोदी                मोदी ने चुनावी सभा के मंच से कहा कि 4 चरणों के चुनाव के बाद कुछ लोग चारों खाने चित्त हो चुके हैं। अब अगले चरणों में ये तय करना है कि इनकी हार कितनी बड़ी होगी और भाजपा एनडीए की जीत कितनी भव्य होगी। मोदी ने कहा कि आम और लीची जैसे मिठास घोलने वाले स्वीट सिटी में आज इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आये हैं, वो कई लोगों के मुंह में कड़वाहट पैदा करने वाला है। मोदी ने कहा कि जिन्होंने बिहार की पहचान बदली थी, वो इस चुनाव में केंद्र में अपनी सरकार बनाने के लिए नहीं लड़ रहे, वो किसी भी तरह से अपने सदस्य बढ़ाने के लिए छटपटा रहे हैं।

बिहार में नरेंद्र मोदी          उनकी ताकत बढ़ाने का मतलब है बिहार में लूट-पाट, अपहरण, भ्रष्टाचार के दिन वापस लाना। उनकी ताकत बढ़ाने का मतलब है बेटियों का अपहरण, गुंडागर्दी, हत्याएं, हर योजना में भ्रष्टाचार। उनकी ताकत बढ़ाने का मतलब है, सूरज ढलने के बाद अपने ही घर मे कैद हो जाना, घुट-घुट के जीना, पलायन के लिए मजबूर होना। उन्होंने कहा कि फिर से ये लोग बिहार में गिद्ध दृष्टि जमाए हैं। ये बिहार को जाति, समाज के आधार पर बांटकर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं। अपने भ्रष्टाचार, काले कारनामों को छिपाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य है कि दिल्ली में कमजोर सरकार बने ताकि ये फिर से मनमानी कर सके।

बगैर नाम के लालू पर निशाना
पीएम मोदी ने बगैर नाम लिए ही लाली यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो जेल में हैं या जेल के दरवाजे पर हैं। जो बेल पर हैं या बेल के लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। वो सब केंद्र में एक मजबूत सरकार को एक मिनट भी बर्दाश्त नहीं करना चाहते। ये चाहें कितनी भी कोशिश कर लें, कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अभियान हमने चलाया हुआ है, उसकी रफ्तार धीमी नहीं पड़ेगी।

जो नेता विपक्ष न बन पाए वो पीएम बनना चाहते है
मोदी ने महागठबंधन पर पीएम कैंडिडेट पर अपने अंदाज़ में कहा कि जितने भी महामिलावटी दल हैं। उनमें ज्यादातर इतनी सीटों पर भी नहीं लड़ रहे कि लोकसभा में नेता विपक्ष का पद भी प्राप्त कर सकें। जिनके नसीब में नेता विपक्ष का पद नहीं है वो प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं।