कठुआ : मेरे विरोध में इतना डूबे के राष्ट्रवाद गाली नज़र आती है – मोदी

बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दे कांग्रेस पर तल्ख़ हुए पीएम

कठुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर के कठुआ में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे जहाँ उन्होंने डॉ भीमराव आंबेडकर की 128 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। अपने सम्बोधन की शुरुवात में ही उन्होंने कहा- आज देश के संविधान निर्माता डॉक्टर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती है। बाबा साहब को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं, उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देता हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी                    इसके बाद उन्होंने कश्मीर में हुए पहले चरण के मतदान के लिए देते हुए कहा कि भारत के लोकतंत्र की ताकत को आपने पहले चरण में सिद्ध किया है। जम्मू और बारामुला में भारी मतदान कर आपने आतंकियों के आकाओं, पाक परस्त अवसरवादियों और निराशा में डूबे महामिलावटियों को कड़ा जवाब दिया है। साथ ही पीएम ने जम्मू कश्मीर में शहीद हुए हर भाजपा कार्यकर्ता, हर देशभक्त नागरिक और उनके परिवारों को भी नमन कर श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राजनीति अपनी जगह होती है, चुनाव अपनी जगह हैं, नेता भी आते जाते रहते हैं, लेकिन हमारा ये देश हमेशा रहेगा। ये देश है तभी राष्ट्र रक्षा का भाव है, राष्ट्रवाद है। लेकिन देश में कुछ लोग मोदी के विरोध में इतने डूब गए हैं कि उनको राष्ट्रवाद गाली नज़र आने लगा है। महामिलावटी और उनके रागदरबारी आए दिन सवाल पूछते हैं कि मोदी राष्ट्र रक्षा की बात क्यों करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीपंजाब सरकार पर भी कसा तंज़
पीएम मोदी ने अपने संबोधन पंजाब सरकार के सीएम अमरिंदर सिंग पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि कल उपराष्ट्रपति महोदय सरकार के अधिकृत कार्यक्रम में जलियांवाला बाग शहीदों को श्रद्धांजलि देने वहां गए थे। लेकिन उनके इस कार्यक्रम में कांग्रेस के मुख्यमंत्री गायब थे। उन्होंने इस कार्यक्रम का बहिष्कार इसीलिए किया क्योंकि वो कांग्रेस परिवार की भक्ति में जुटे हुए थे। वे कांग्रेस के नामदार के साथ जलियांवाला बाग गए। लेकिन भारत सरकार के अधिकृत कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति के साथ जाना उन्होंने सही नहीं समझा। यही राष्ट्र भक्ति और परिवार भक्ति का फर्क है।

महामिलावटी हुए एक्सपोज़
महागठबंधन बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ दिनों में आपने भी देखा कि किस तरह कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी की महामिलावट पूरी तरह से एक्सपोज़ हो गई है। बरसों से जो इनके मन में था, जो वो चाहते थे, चोरी छिपे जिसके लिए काम कर रहे थे, वो अब खुलेआम सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि यही वो धरती है, यही वो जगह है जहां पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तिरंगा फहराया था। देश विरोधी हर ताकत को उन्होंने ललकारा था कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान, औऱ दो निशान नहीं चलेंगे। श्यामा प्रसाद जी का वो उद्घोष, भारतीय जनता पार्टी के लिए वचनपत्र है, पत्थर की वो लकीर है जिसे कोई मिटा नहीं सकता।